मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, (फाइल चित्र)
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले पर विपक्षी दलों द्वारा जारी सियासत के बीच धामी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2025) को बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले में CBI जांच की संस्तुति दे दी है। दरअसल, कुछ दिन पहले अंकित भंडारी के माता-पिता ने सीएम धामी से मुलाकात कर सीबीआई जांच की मांग की थी।
सीएम धामी ने कहा, कि अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा, कि सरकार का उद्देश्य शुरू से आखिर तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी प्रकरण की उनके माता–पिता के अनुरोध पर CBI से जांच कराए जाने की संस्तुति दी है।#Ankita#CBI#Pauri #Uttarakhand pic.twitter.com/bjDE9eb80R
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) January 9, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा, कि अंकिता भंडारी के साथ हुई इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। उन्होंने कहा, मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
उन्होंने कहा, कि इस प्रकरण से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया गया। साथ ही राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। उसका ही परिणाम है, कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी। SIT की ओर से गहन विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत की सुनवाई पूरी होने पर तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
सीएम धामी ने कहा, “हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई है, जिन पर जांच की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है, कि किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि हाल ही में उन्होंने स्वयं अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया था। उनके इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया है।
बता दें, कि भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी होने का दावा करने वाली उर्मिला सनावर ने तमाम ऑडियो और वीडियो जारी कर नया विवाद खड़ा कर दिया था। वीडियो में कथित तौर पर वीआईपी का भी जिक्र होने की बात कही गई। वीडियो वायरल होने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले ने तूल पकड़ लिया और जगह-जगह प्रदर्शन शुरू हो गए।
