केदारनाथ धाम के कपाट खुले, CM धामी ने की पहली पूजा
देवाधिदेव महादेव की पावन स्थली श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार (22 अप्रैल 2026) को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है। पंच केदार में प्रथम केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण के साक्षी बने। कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी, ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी सपरिवार उपस्थित रहे। सीएम धामी ने बाबा केदार का सम्पूर्ण विधि-विधान के साथ अभिषेक व अर्चन कर समस्त राज्यवासियों के सुख-समृद्धि एवं प्रदेश की उत्तरोत्तर प्रगति हेतु कामना की। बाबा केदार के धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई।
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मे ‘न’ काराय नमः शिवाय॥आज प्रातः द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, भगवान शिव की पावन तपोभूमि श्री केदारनाथ धाम में कपाटोद्घाटन के शुभ अवसर का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। pic.twitter.com/l83WOZczxc
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 22, 2026
इस पवन अवसर पर मुख्यमंत्री ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, कि श्री केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।
सीएम धामी ने कहा, कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने सभी उत्तराखण्डवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा, कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में श्री केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्व भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
बता दें, कि बीते मंगलवार की शाम भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए धाम पहुंची। इसी क्रम में कपाट खुलने की प्रक्रिया आज बुधवार प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हुई।
इसके बाद प्रातः 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर, मुख्यमंत्री धामी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों एवं वेदपाठियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आह्वान एवं लोक कल्याण के संकल्प के साथ ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री केदारनाथ धाम को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस अवसर पर यात्रा से जुड़े सभी विभागों का आभार जताते हुए कहा, कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं को सरल सुगम दर्शन व्यवस्था हेतु प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण हुआ है। बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया, कि केदारनाथ धाम में गैर सनातनियों का प्रवेश सर्वथा वर्जित रहेगा. मंदिर से 70 मीटर दायरे में मोबाइल फोन प्रतिबंधित है. फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी एवं रील निर्माण प्रतिबंधित किया गया है।
