सांकेतिक चित्र
दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में शुक्रवार 12 जून की रात लगी भीषण आग को शुरुआत में एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन एक सीसीटीवी फुटेज ने जांच की पूरी दिशा बदल दी। दक्षिण दिल्ली पुलिस का दावा है, कि यह आग किसी शॉर्ट सर्किट या लापरवाही की वजह से नहीं लगी, बल्कि सुनियोजित आपराधिक साजिश थी।
दक्षिण-पूर्व जिले के एडिशनल डीसीपी जसबीर सिंह ने ANI को बताया, कि गोविंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित टीकेडी एक्सटेंशन की पांच मंजिला इमारत में 12 जून की आधी रात अचानक आग भड़की और कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत आग की लपटों में घिर गई। आग इतनी तेजी से फैली, कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल उसकी चपेट में आ गया।
#WATCH | Delhi: Jasbir Singh, Additional DCP, South East District, says, "A fire broke out on the morning of the 12th June in Lane No. 1 of Tughlakabad Extension, claiming three lives and leaving a total of eight people injured. After registering an FIR and commencing a… pic.twitter.com/vFyyG4m5F5
— ANI (@ANI) June 14, 2026
आग लगने से तीसरी मंजिल पर रहने वाले पंकड पांडेय (28), उसकी बहन सोनिया उर्फ सोनी (20) और उसकी नानी सुशीला देवी (75) की मौत हो गई थी। साथ ही पंकज की दूसरी बहन मोनी व मां गुड्डी देवी घायल हो गई थी। जबकि पांचवीं मंजिल पर रहने वाली दीपक की पत्नी मुमजात व उसकी दो सालियां भी घायल हो गई।
स्थानीय लोगों ने जब धुआं और आग की लपटों को देखा, तो दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कई लोग झुलस चुके थे। हादसे में आठ लोग घायल हुए थे, जिन्हें तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान पंकज पांडे, सुशीला देवी और सोनिया कुमारी की मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इसे आग लगने की सामान्य घटना मानते हुए लापरवाही से मौत और आगजनी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। हालांकि जांच के दौरान पड़ोसी की प्रॉपर्टी के कार्यालय से एक सीसीटीवी फुटेज मिली।
फुटेज से पता लगा, की आग से पहले एक लड़की इमारत में घुसी और आग लगने के तुरंत बाद बाहर निकल रही है। इसके बाद पुलिस ने इस संदिग्ध लड़की की तलाश शुरू की। जांच के बाद पुलिस ने बीते शनिवार की रात को नवजीवन कैंप रहने वाली इस 17 वर्ष की नाबालिग लड़की को पकड़ लिया।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर लड़की ने कई अहम खुलासे करते हुए बताया, कि उसे आग लगाने के लिए सरिता नाम की महिला ने पेट्रोल और माचिस दी थी। योजना के मुताबकि, टीकेडी एक्सटेंशन की पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी को आग लगाया जाना था।
आरोप है, कि नाबालिग लड़की ने सरिता के कहने पर स्कूटी में आग लगा दी, लेकिन आग केवल स्कूटी तक सीमित नहीं रही, बल्कि देखते ही देखते उसने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई परिवारों की जिंदगी तबाह हो गई।
इसके बाद पुलिस सरिता तक पहुंची। उसने खुलासा किया, कि नवजीवन कैंप, गोविंद पुरी के रहने वाले 33 वर्षीय निरंजन और उसके 27 साल के भाई राजकुमार के कहने पर यह खौफनाक साजिश रची गई थी, ताकि एक निजी विवाद का बदला लिया जा सके। सरिता ने बताया, कि उसका इमारत में रहने वाले दीपक से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपित निरंजन का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है और वह हाल ही में जेल से बाहर आया था। पुलिस का कहना है, कि निरंजन और राजकुमार ने मिलकर इस पूरी योजना को तैयार किया था। वहीं इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है, कि एक निजी विवाद और बदले की भावना ने तीन निर्दोष लोगों की जान ले ली।
