सांकेतिक चित्र
आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पूर्व महिला सरपंच को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। जब परिजन उनके शव को घर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में एम्बुलेंस एक गहरे गड्ढे से गुजरी। गड्ढे के जोरदार झटके से मृत महिला के प्राण वापस लौट आये और उनके शरीर में हलचल होने लगी।
जानकारी के अनुसार, यह घटना कैकालुरु मंडल के भुजबलपट्टनम गाँव में सामने आई है। यहाँ की 48 वर्षीय पूर्व सरपंच गुराजाला रामा तुलसी पिछले कुछ समय से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थी। बीते दिनों तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर स्वजनों ने उन्हें एलुरु के एक नामी प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था।
अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर और आईसीयू वार्ड में रखा गया था। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उनका जीवन बचाने के काफी प्रयास किये और सीपीआर भी दिया, लेकिन गुरुवार 30 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने परिवार को बताया, कि रामा तुलसी की धड़कन थम चुकी है और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों की बात मानकर दुखी परिवार वालों ने अंतिम संस्कार की तैयारियाँ शुरू कर दी और सोशल मीडिया पर शोक संदेश शेयर किये जाने लगे। अस्पताल में सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद परिजन एक प्राइवेट एम्बुलेंस से उनके शव को लेकर गाँव के लिए रवाना हुए।
बताया जा रहा है, कि जब एम्बुलेंस मंडावल्ली मंडल के चिंतापाडु (पुलापसरु) गाँव के नजदीक पहुँची, तो सड़क पर एक गहरा गड्ढा आने के कारण तेज रफ्तार एम्बुलेंस को जोरदार झटका लगा। झटके के तुरंत बाद शव के पास बैठे रिश्तेदारों ने देखा, कि रामा तुलसी के शरीर में अचानक हलचल हुई और वे साँस लेने के लिए हांफने लगी।
इस घटना के बाद एम्बुलेंस में मौजूद लोग हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत गाड़ी को पास के एक अस्पताल की तरफ मोड़ दिया। वहाँ डॉक्टरों ने जब जाँच की, तो पाया कि रामा तुलसी की साँसें चल रही थीं, हालाँकि उनकी पल्स बहुत कमजोर थी। शुरुआती इलाज के बाद चिकित्सकों ने उन्हें विजयवाड़ा के सरकारी जनरल हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रामा तुलसी को फिलहाल विजयवाड़ा के अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है और उनकी स्थिति अब पहले से स्थिर बताई जा रही है। दूसरी तरफ गाँव में जो रिश्तेदार अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, उन्हें जैसे ही ये खबर मिली, तो गाँव में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस पूरी घटना पर अभी तक अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है, कि यह स्थिति कैसे बनी, इसके लिए पूरी मेडिकल जाँच की जरूरत है, लेकिन इस समय पूरे जिले में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ एक खराब सड़क का गड्ढा किसी के लिए जीवनदान साबित हो गया।
