नोएडा हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, (फोटो साभार : NDTV)
नोएडा में 13 अप्रैल को हुए भारी बवाल और हिंसक विरोध प्रदर्शन मामले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब तक हुई जाँच में सामने आया है, कि हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल ज्यादातर आरोपी फैक्ट्री श्रमिक नहीं, बल्कि बाहरी तत्व शामिल थे। इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपद्रवियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोएडा शहर में वेतन वृद्धि को लेकर जो आग भड़की, उसकी चिंगारी तेलंगाना और कर्नाटक से व्हाट्सएप के जरिये सुलगाई गई थी। कई संगठन के संदिग्ध लोग अन्य राज्यों में बैठकर कई व्हाट्सएप ग्रुप को हैंडल कर रहे थे। एसटीएफ हिंसा के दौरान बनाए गए 500 से अधिक वीडियो को खंगाल रही है। साथ ही व्हाट्सएप-टेलीग्राम ग्रुप भी उसके रडार पर है।
नोएडा हिंसा में श्रमिकों को भड़काने और आगजनी करने के लिए एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए उपद्रवियों में से कई के तार ‘मजदूर बिगुल’ और अर्बन नक्सल नेटवर्क से जुड़े होने का शक है। उल्लेखनीय है, कि आगजनी के लिए पहचाने गए 11 संदिग्धों में से आठ और हिंसा भड़काने वाले 19 में से अधिकांश आरोपित कर्मचारी नहीं निकले।
यूपी एसटीएफ को पता चला है, कि कुछ टेलीग्राम ग्रुप भी श्रमिकों के प्रदर्शन को उकसाने के लिए बनाए गए थे। जांच में यह बात सामने आई है, कि तेलंगाना व कर्नाटक से कुछ संदिग्ध लोगों की डिजिटल ट्रेल मिली है और उन्हें कई टेलीग्राम व व्हाट्सएप ग्रुप पर दिशा-निर्देश मिल रहे थे। इन ग्रुपों में नोएडा में काम करने वाले काफी संख्या में श्रमिकों को जोड़ा गया था।
इस पूरे खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की। मामले की समीक्षा करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं, कि जो लोग मजदूर नहीं हैं लेकिन हिंसा में शामिल रहे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर लगाई जाएँ।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ाने और अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि असली मजदूरों के हितों की रक्षा की जाएगी, लेकिन बाहरी साजिशकर्ताओं के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल पुलिस फंडिंग और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।
