निहंगों के उत्पात पर हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की अपील, (फोटो साभार: etvbharat)
ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर बीते मंगलवार 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड यात्रा पर जा रहे चार निहंगों ने जमकर उत्पात मचाया। वाहन पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ गया, कि निहंगों ने तलवारें निकाल ली। निहंगों ने सड़क को जंग का मैदान बना दिया था। इस हमले में कई स्थानीय लोग घायल हो गए थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट ने भी घटना की निंदा करते हुए सिख श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है। गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने पवित्र श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आपसी सद्भाव, अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की है।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, गोविंदघाट के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने पवित्र श्री हेमकुंट साहिब यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं से आपसी सद्भाव, अनुशासन और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) June 17, 2026
ट्रस्ट की ओर से जारी अपील में कहा गया है, कि 23 मई से प्रारंभ हुई श्री हेमकुंट साहिब यात्रा में अब तक हजारों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। सभी श्रद्धालु यात्रा के महत्व और उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए श्रद्धा एवं मर्यादा के साथ यात्रा करें तथा ऐसा कोई कार्य न करें जिससे धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचे।
अपील में कहा गया है, कि यात्रा के दौरान वाद-विवाद से बचें और कानून व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा, कि सिख धर्म में शस्त्रों का महत्व धर्म की रक्षा के लिए है, न कि उनके दुरुपयोग के लिए। इसलिए श्रद्धालु यात्रा के दौरान अनावश्यक रूप से शस्त्र साथ न लाएं। विशेष रूप से यात्रा पर आने वाले छोटे बच्चों को किसी भी प्रकार के शस्त्र साथ रखने से बचाया जाए।
ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में कहा, कि उत्तराखंड एक शांतिप्रिय राज्य है, जिसकी पहचान देश-दुनिया में देवभूमि के रूप में है। यहां श्री बदरीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम, मां गंगोत्री, मां यमुनोत्री सहित अनेक पवित्र तीर्थस्थल स्थित हैं। इन्हीं पावन स्थलों में श्री हेमकुंट साहिब का भी विशेष धार्मिक महत्व है।
उन्होंने कहा, कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। अतः श्रद्धालु यात्रा को पूरी आस्था, श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न करें। किसी भी प्रकार के विवाद या समस्या की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
