सांकेतिक चित्र
उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची की जांच और सुधार की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में चल रहे एसआईआर के तीसरे चरण की प्रक्रिया 14 अगस्त को शुरू हो गई है। इसी बीच SIR में दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पर अब प्रशासनिक अधिकारियों की सीधी निगरानी रहेगी।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम द्वारा प्रशासनिक सेवा के नौ आईएएस / पीसीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हरिद्वार जनपद में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नन्द कुमार और गोपाल राम बिनवाल को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है। नैनीताल जनपद में संजय कुमार एवं विनीत तोमर तथा ऊधमसिंह नगर जनपद में प्रकाश चन्द्र दुम्का, जय किशन एवं दिवेश शाशनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम द्वारा प्रशासनिक सेवा के 9 IAS / PCS अधिकारियों को पर्यवेक्षण…
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) August 21, 2026
पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया, जिसके अंतर्गत नोटिस वितरण, तामीली एवं सुनवाई की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
इन अधिकारियों को अपने दैनिक निरीक्षण की आख्या संबंधित मण्डलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सप्ताह में दो बार प्रस्तुत करनी होगी। इसके लिए Manual on Electoral Roll-2023 के अध्याय-11 में निर्धारित पुनरीक्षण प्रक्रिया एवं रिपोर्टिंग प्रारूप का अनुपालन किया जाएगा।
आदेश के अनुसार, निर्धारित पुनरीक्षण अवधि तक नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण एवं अनुशासन के अधीन रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
