सांकेतिक चित्र
सोशल मीडिया पर दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों के ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें एक मोबाइल एप की मदद से चलते हुए ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक दिया जा रहा है। हालांकि यह हर वाहन के साथ संभव नहीं है, लेकिन इसके बाद ई-रिक्शा चालकों और उसमें सवार यात्रियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का कारण बने BAT-BMS चाइनीज ऐप पर एक्शन लेते हुए सख्त कदम उठाया है। इसी क्रम में आईटी मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से इस ऐप को हटाने के आदेश जारी किये है।
#NewsAlert | The IT Ministry has directed Google Play Store and Apple App Store to remove the BAT BMS app https://t.co/3pb9TybgJ3 pic.twitter.com/DALKm1AUms
— ET NOW (@ETNOWlive) July 3, 2026
बता दें, कि एक चाइनीज एप के जरिए सड़क पर चलते ई-रिक्शा को अचानक रोकने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स पर वायरल वीडियो में देखा गया था, कि लोग ब्लूटूथ के जरिए कम्पैटिबल ई-रिक्शा बैटरियों से जुड़कर उन्हें दूर से बंद कर रहे है।
हालाँकि जाँच में यह भी सामने आया है, कि केवल एक ऐप ही नहीं, बल्कि ऐसे फीचर वाले दूसरे ऐप भी चिंता का कारण बन सकते हैं। इन ऐप का मूल उद्देश्य बैटरी की स्थिति, वोल्टेज, तापमान और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाना होता है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर इनका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, BAT-BMS जैसे ऐप मूल रूप से बैटरी की टेस्टिंग और सर्विसिंग के लिए बनाए गए हैं। इनका उपयोग सामान्यतौर पर ई-रिक्शा बनाने या असेंबल करने वाली कंपनियां और तकनीशियन करते हैं। समस्या तब उत्पन्न होती है, जब बैटरी निर्माता सुरक्षा सेटिंग्स सही तरीके से लागू नहीं करते और ब्लूटूथ बिना पासवर्ड के खुला छोड़ देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है, कि अगर चलते हुए ई-रिक्शा की बिजली अचानक कट जाए तो पीछे से आ रहा वाहन टक्कर मार सकता है। यात्री गिर सकते हैं। चालक वाहन पर नियंत्रण खो सकता है और भीड़भाड़ वाली सड़क पर बड़ा हादसा हो सकता है। सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा यह प्रैंक सड़क सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत गंभीर साबित हो सकता है।
