सनकी बेटे ने पिता की लाश के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरा, (फोटो साभार: NDTV)
लखनऊ में दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है। आशियाना थाना क्षेत्र में 21 साल के लड़के ने दरिंदगी की हद पार करते हुए अपने पिता के टुकड़े-टुकड़े कर हाथ-पैर सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ घर के भीतर एक नीले ड्रम में छिपा दिया। इसके बाद आरोपी ने खुद पुलिस थाने पहुँचकर अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, लखनऊ में रहने वाले शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह 20 फरवरी 2026 को लापता हो गए। पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट बीकॉम में पढ़ने वाले उनके बेटे अक्षत ने दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया, कि उसके पिता 20 फरवरी को दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले थे और अब तक घर नहीं लौटे।
गुमशुदगी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की, जब पुलिस ने घर के सदस्यों से पूछताछ शुरू की, तो अक्षत के बयानों में विरोधाभास मिला। इसी बीच अक्षत पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान पिता के शव के टुकड़ों के साथ पकड़ा गया। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो उसने सारा सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर के मुताबिक, मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत पर नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी का लगातार दबाव बना रहे थे। इसी बात को लेकर 20 फरवरी को सुबह लगभग 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच जमकर विवाद हुआ। गुस्से में आपे से बाहर हुए अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता पर गोली चला दी, जिससे मानवेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी शव को घसीटते हुए घर के ग्राउंड फ्लोर पर ले गया, जहां कोई नहीं रहता था। शुरुआत में हत्यारोपी ने शव को कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन ज्यादा होने के कारण वह असफल रहा। इसके बाद वह बाजार से आरी खरीदकर लाया और पिता के शव को बेरहमी से काट डाला।
आरोपित ने पिता के शव के हाथ, पैर और सिर काटकर कहीं दूर फेंक दिए, जबकि धड़ को एक स्लीपिंग बैग में भरकर नीले ड्रम में छिपा दिया। इसके अगले दिन वह बिस्तर, चादर व खून से सना तकिया कार में रखकर अमौसी पहुंचा और फिर बिस्तर में आग लगा दी। बताया जा रहा है, कि पिता की हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर जा रहा था।
पड़ोसियों के पूछने पर उसने कहा, कि उसके पिता 19 फरवरी को काम से दिल्ली गए थे और फिर नहीं लौटे। उसने बताया, कि 20 फरवरी को इसकी शिकायत थाने में भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस पर पड़ोसी उसे लेकर थाने पहुंचे। थाने से सुनवाई नहीं होने पर एडीसीपी से शिकायत की गई। वहीं पड़ोसियों को छानबीन करता देख आरोपी घबरा गया।
पुलिस की छानबीन में सामने आया है, कि लगभग चार महीने पहले मानवेंद्र के मकान से कीमती गहने चोरी हो गए थे। जिस पर उन्होंने कामवाली पर संदेह जताते हुए थाने में शिकायत की थी। हालांकि, बाद में पता चला, कि जेवर कामवाली ने चोरी नहीं किए हैं। वहीं बेटे की करतूत छिपाने के लिए उन्होंने थाने से शिकायत वापस ले ली थी।
जानकारी के अनुसार, मृतक मानवेंद्र सिंह की पत्नी की करीब 9 साल पहले ही मौत हो गई थी। परिवार में एक बेटी है, जो 11वीं कक्षा में है। वहीं पूरी घटना के बाद बेटी अभी भी चुप्पी साधे हुए है। बताया जा रहा है, बेटी ही इस हत्याकांड की मुख्य गवाह है और उसने किस वजह से अपने रिश्तेदारो व पड़ोसियों को घटना के बारे में नहीं बताया, यह जांच का विषय है।

