सांकेतिक चित्र
होली के मौके पर पर्यावरण संरक्षण, जंगल की शांति व्यवस्था बनाए रखने और हुड़दंग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क समेत उससे जुड़े बाहरी पर्यटन जोन 3 और 4 मार्च को पर्यटकों के लिए पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। दरअसल, वन विभाग और कॉर्बेट प्रशासन यह निर्णय प्रत्येक वर्ष वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लेता है।
कॉर्बेट पार्क प्रशासन के मुताबिक, 3 मार्च को सुबह की जंगल सफारी निर्धारित समयानुसार संचालित होगी, लेकिन दोपहर की सफारी और नाइट स्टे पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं 4 मार्च को होली के दिन सुबह और शाम दोनों समय जंगल सफारी के साथ-साथ नाइट स्टे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पार्क प्रशासन ने बताया, 5 मार्च से सभी पर्यटन गतिविधियां पुनः सामान्य रूप से संचालित की जाएंगी।
इसके साथ ही ढिकाला, बिजरानी, ढेला, दुर्गादेवी और गिरिजा पर्यटन जोन में इस अवधि के दौरान सफारी और रात्रि विश्राम की सुविधा बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले सीतावनी, कोटा और कालाढूंगी पर्यटन जोन भी पर्यटकों के लिए बंद रखे जाएंगे। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो व हाथी डगर पर्यटन जोन में भी होली के अवसर पर पर्यटक प्रवेश पर रोक रहेगी।
कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह ने बताया, होली की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं। वहीं कुछ पर्यटक उत्सव के दौरान जंगल क्षेत्रों में अत्यधिक शोर-शराबा और अनुशासनहीन गतिविधियां करते है। जिससे वन्यजीवों की दिनचर्या प्रभावित होती है। इसी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
इसी क्रम में वन विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइट पर पहले ही 3 और 4 मार्च को अवकाश की सूचना साझा कर दी थी। जिससे पर्यटक अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बना सकें। वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है, कि वे नियमों का पालन करें और जंगल की संवेदनशीलता को समझते हुए सहयोग करे।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है, कि होली के मौके पर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क समेत उससे जुड़े बाहरी पर्यटन जोन 3 और 4 मार्च को पर्यटकों के लिए पूर्ण रूप से बंद रखने का निर्णय वन्यजीव संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिससे होली के दौरान जंगल का प्राकृतिक संतुलन और शांति बनी रह सके।

