सांकेतिक चित्र
मोबाइल स्टोर संचालक ने सिक्योरिटी फीस निकालने के नाम पर अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति से धोखाधड़ी कर 50 लाख रुपए हड़प लिए। 12 आरोपितों ने योजना बनाकर संगठित तरीके से पीड़ित को अपने जाल में फसाया। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी तहरीर में हरीश भट्ट निवासी दून एंक्लेव, सेवलाकलां ने बताया, कि वह एक लंबे वक्त से अमित मिश्रा निवासी करनपुर को जानता है। अमित मिश्रा ने वर्ष 2023 के दौरान हरीश को बताया, कि 2017-2018 में उसने हरिद्वार में वोडाफोन का मोबाइल स्टोर खोला था। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान उसके बिजनेस को काफी नुकसान हो गया था।
अमित मिश्रा ने पीड़ित को बताया, कि उसकी सिक्योरिटी भी कंपनी में फंस गई है और बाजार का भी काफी उधार हो गया। अगर कुछ रुपए उधार मिल जाये, तो वह कंपनी में रकम जमा कर अपनी सिक्योरिटी वापस ले लेगा और सारी रकम लौटा देगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने यूपीआई के माध्यम से 90 हजार रुपए अमित को दे दिए।
इसके बाद अमित मिश्रा ने फोन पर पीड़ित को बताया, कि वह इस समय मोबाइल स्टोर के एरिया सेल्स मैनेजर सचिन गर्ग के साथ है और उसे कुछ रुपए की कमी पड़ गई है, जो कि उसे कंपनी में जमा करने हैं, इसलिए सीधा एरिया सेल्स मैनेजर को गूगल पे कर दे। जिस पर पीड़ित ने एरिया सेल्स मैनेजर के नंबर पर 45 हजार रुपए भेज दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कुछ समय तक उसे अमित मिश्रा का कोई फोन नहीं आया, लेकिन फिर अचानक एक दिन अमित मिश्रा ने व्हाट्सएप नंबर पर किसी जोनल मैनेजर समीर चौहान का लेटरहेड भेजा और उसके खाते में रकम भेजने को कहा गया। इसके बाद पीड़ित ने समीर के नंबर पर एक लाख रुपए भेज दिए।
बताया जा रहा है, कि इसी तरह अमित मिश्रा ने 21 मार्च 2023 से अब तक अलग-अलग तारीखों को पीयूष जुगरान, मोहित सक्सेना, अभिजीत किशोर, अक्षय, शशि, कुमार मंगलम, दीपांशु मित्तल, खब्बू तिवारी और अभिषेक के खाते में कुल 50 लाख रुपए की रकम मंगवाई। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापिस मांगी, तो आरोपित कोई ना कोई बहाना बनाकर टालता रहा।
इसके बाद जब पीड़ित ने कंपनी के लेटरहेड की जांच करवाई गई, तो वह फर्जी निकला। कोतवाली डालनवाला प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया, कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर 12 आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
