बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है और चिलचिलाती धूप के साथ ही गर्म हवाओं के थपेड़े भी परेशान करने लगे थे, लेकिन शनिवार 27 अप्रैल 2024 को अचानक मौसम के मिजाज ने करवट बदली और देहरादून सहित अन्य इलाकों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बढ़ती ती गर्मी के बीच हुई बारिश ने आमजन को बहुत बड़ी राहत दी है।
मौसम विभाग केंद्र ने पर्वतीय क्षेत्रों में तेज गर्जन के साथ हल्की बारिश और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की थी। साथ ही 30-40 किलोमीटर की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया था। गौरतलब है, कि राज्य में बीते शुक्रवार को गर्मी ने पिछले छह साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
Forecast/Warning of Uttarakhand dated: 27.04.2024 pic.twitter.com/JbEXRlzqMx
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) April 27, 2024
बीते शुक्रवार को दिन का तापमान 4 डिग्री बढ़ोतरी के साथ 37.1 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर पहुंच गया था। बता दें, कि वर्ष 2018 में 26 अप्रैल के दिन अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड दर्ज किया गया था। वहीं उत्तरकाशी जिला स्थित बड़कोट, यमुनोत्री धाम समेत यमुना घाटी में भी मौसम का मिजाज बदला। यमुनोत्री धाम सहित आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है।
वहीं बारिश के चलते राज्य के जंगलो में धधक रही वनाग्नि को लेकर कुछ राहत मिली है। हल्की बारिश होने से जंगलों में लगी आग पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक एक दिन पहले यानी 26 अप्रैल को प्रदेश में वनाग्नि के 31 मामले सामने आए है। इस वनाग्नि में दो लोगों के झुलसने की खबर है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक के जंगलों में आग की घटनाएं रिकॉर्ड की जा रही है।
वन विभाग के मुताबिक, जिस तरह से मौसम बदला है, उसके बाद आग लगने की घटनाओं में कुछ कमी दर्ज की जा सकती है, और यदि आगे भी मौसम कुछ इस तरह ही सुहावना बना रहता है, तो जंगलों की आग को लेकर वन विभाग की चिंता कुछ कम हो सकती है।
उल्लेखनीय है, कि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले की पहाड़ियों पर मौजूद जंगलो में भी आग की लपटें नजर आ रही है। इसी प्रकार कुमाऊं मंडल स्थित नैनीताल जिले में बड़े वन क्षेत्र में आग की घटनाएं सामने आई है। जिसे बुझाने के लिए सेना तक को बुलाना पड़ा है। साथ ही वायु सेना एआई-17 हेलीकॉप्टर की सहायता भी ली जा रही है।
