सांकेतिक चित्र
उत्तराखंड में मौसम का मिजाज फिलहाल गड़बड़ ही रहने की उम्मीद जताई जा रही है। देहरादून में सुबह कभी हल्की धूप तो कभी बादल छाए रहे, लेकिन इसके बाद माैसम ने करवट बदली और आसमान में काले बदलो ने डेरा जमा लिया। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए अगले 48 घंटे का आरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज वर्षा, ओलावृष्टि और अंधड़ की आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही तेज बारिश भी हो सकती है। जबकि, 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना है।
दिनांक 11.05.2026 को उत्तराखंड राज्य के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी I pic.twitter.com/d7iVlWIChH
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) May 11, 2026
इसके अलावा प्रदेश के मैदानी जनपदों में कहीं-कहीं हल्की बारिश गरज के साथ होने का अंदेशा जताया गया है। पहाड़ी जनपदों मे कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने के भी आसार जताए गए है। वहीं तेज झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की संभावना है। जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बारिश के अलर्ट के बाद गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है, कि वे यात्रा के दौरान मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा, कि मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए 12 और 13 मई को यात्रा कार्यक्रम बनाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा है, कि यदि संभव हो तो मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा करना अधिक सुविधाजनक रहेगा। साथ ही यात्रा के दौरान प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का तीर्थयात्री अवश्य पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुखद बनी रहे।
उन्होंने कहा, कि राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गढ़वाल आयुक्त ने विश्वास जताया, कि श्रद्धालुओं के सहयोग और सतर्कता से चारधाम यात्रा निर्विघ्न और सफलतापूर्वक संपन्न होगी।
गौरतलब है, कि इन दिनों राज्य में मानसून जैसे हालात दिख रहे है। प्रदेश के कई जिलों में धूप और बादलों की आंख-मिचौली चल रही है तो कहीं-कहीं बारिश भी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है, कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण राज्य के मौसम में यह बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है।
