महरंग बलोच को पाकिस्तान में उम्रकैद की सजा (फोटो साभार-observer)
पाकिस्तान में बलूचिस्तान की शेरनी के नाम से पहचानी जाने वाली महरंग बलोच को क्वेटा की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने बीते सोमवार, 22 जून को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पेशे से डॉक्टर और मानवाधिकार हनन के विरुद्ध संघर्ष करने वाली महरंग को सजा सुनाये जाने के बाद बलूचिस्तान में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्वेटा की अदालत ने ‘बलूच यकजेहती कमेटी’ की प्रमुख नेता महरंग बलोच को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अशांति में फ्रंटियर कॉर्प्स के एक अधिकारी की मौत के मामले में दोषी ठहराया। उनके दो अन्य साथी सिबगतुल्लाह बलूच और बालोच कादिर को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
बता दें, कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 2024 में ग्वादर में एक सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई थी, जिसका दोषी इस संगठन को ठहराया गया। अदालत के फैसले का मानवाधिकार संगठन, विपक्ष ने कड़ा विरोध किया है और इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। महरंग बलोच का बेबाक अंदाज पाकिस्तानी शासन के लिए ‘खतरा’ माना जाता है।
द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, ये फैसला उस वक्त आया, जब महंरग बलोच और उनका संगठन हिरासत में लिए गए दूसरे नेताओं का विरोध कर रहे थे और उनके वकीलों ने कोर्ट की कार्यवाही का बायकॉट कर रखा था। दरअसल संगठन के कई नेताओं को 12 जून को गिरफ्तार किया गया था, जो जेल में भी कार्रवाई के खिलाफ धरना दे रहे हैं।
गौरतलब है, कि महरंग बलोच ने बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियानों के दौरान नागरिकों के जबरन गायब होने, गैर-न्यायिक हत्याओं और नागरिकों की मौतों जैसे मुद्दों को शांतिपूर्ण अभियानों के माध्यम से उजागर करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी।
बलूच यकजेहती कमेटी की प्रमुख महंरग बलोच ने बलूचिस्तान में पाक आर्मी की ‘किल एंड डंप’ पॉलिसी का पूरी दुनिया में पर्दाफाश किया। महंरग बलोच बलूचिस्तान में महिलाओं समेत युवाओं के संदिग्ध परिस्थियों में गायब होने और उन पर होने वाले अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध एक मुखर आवाज बनकर उभरी।
वर्तमान में महरंग की एक आवाज पर हजारों लोग जान देने के लिए तैयार रहते हैं और यही कारण है, कि पाकिस्तान की सरकार महरंग से थर-थर कांपती है। गौरतलब है, कि कोर्ट का ये फैसला ऐसे वक्त में आया है जब पाकिस्तान के सबसे ज्यादा संसाधनों वाले, लेकिन लंबे समय से पिछड़े प्रांत में तनाव बना हुआ है।
