PM मोदी ने किया ऑस्ट्रेलिया-भारत CEO फोरम को संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गुरुवार 9 जुलाई को मेलबर्न में पीएम मोदी ने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार, उन्नत तकनीक और 4 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा के पेंशन फंड्स को भारत की विकास यात्रा से सीधे जुड़ने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं।
इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया, कि भारत की सुदृढ़ आर्थिक वृद्धि, नीतिगत सुधार, डिजिटल परिवर्तन और इनोवेशन का बढ़ता इकोसिस्टम ऑस्ट्रेलियाई भागीदारों के लिए नए व्यावसायिक अवसर पैदा कर रहे हैं।
Addressed the Australia-India CEO Forum in Melbourne this morning. Since 2023, this forum has gained remarkable momentum, reflecting the growing confidence in our economic partnership.
I thank PM Anthony Albanese for joining the interaction and sharing his vision for taking our… pic.twitter.com/6GDcsAkJUv
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
भारत और ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी तालमेल को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, माइनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, एविएशन, लॉजिस्टिक्स, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, फ़ूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, कि भारत का बड़े पैमाने पर कार्य करने का सामर्थ्य और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता मिलकर दोनों देशों के लिए एक परस्पर लाभकारी स्थिति का निर्माण करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों को भारत में दीर्घकालिक निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।
पीएम मोदी ने भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती उपस्थिति का स्वागत किया और इस बात पर विशेष बल दिया, कि उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास में गहरा सहयोग न केवल दोनों देशों की प्रतिभाओं को भविष्य के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में भी मदद करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि भारत ऑस्ट्रेलिया संबंधों की सबसे मजबूत पहलू लोगों का लोगों से जुड़ाव है। ऑस्ट्रेलिया, भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन है, हमारे नागरिक ऑस्ट्रेलिया के विकास में योगदान दे रहे हैं। हम छात्रों और कॉलेजों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाते रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते है, कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए चुनौती है, इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई साझा है और अटूट है। हमारा ये भी मानना है, कि विश्व में चल रहे युद्धों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संबंध है।
