सांकेतिक चित्र
हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने 30 वर्षीय महिला की गला दबाकर बेरहमी से हत्या करने वाले जीशान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उसका दूसरा साथी शाहनवाज अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा।
पुलिस के अनुसार, हरिद्वार के नगर कोतवाली क्षेत्र में बीती 28 जून को रोडिबेलवाला चौकी के पीछे आस्था पथ के पास झाड़ियों में अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। मृतक महिला के नाक और मुंह पर खून लगा था और शरीर पर चोट के कई निशान थे। उसके कपड़े भी फटे हुए मिले थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ, कि महिला की मौत गला घोंटने और मुंह दबाने से दम घुटने के कारण हुई थी। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया। सीसीटीवी कैमरों से दो संदिग्ध सामने आए थे, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली, दोनों संदिग्ध देहरादून की तरफ मोटरसाइकिल पर आ रहे है।
पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात पुलिस टीम दूधिया बंध तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान दो संदिग्ध बाइक सवार युवकों को रोकने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
घायल बदमाश की पहचान बिजनौर के नहटौर निवासी जीशान के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने खुलासा किया, कि उसने अपने साथी शाहनवाज के साथ मिलकर 28 जून को महिला की हत्या की थी। इसके बाद शव को गंगा किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया था और फरार हो गए।
एसपी सिटी हरिद्वार अभय सिंह ने बताया, घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपी ने महिला की हत्या की बात कबूली है।
उन्होंने बताया, कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और फरार आरोपी की पहचान शाहनवाज निवासी नहटौर, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। जल्द ही हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल महिला की पहचान कराने के प्रयास जारी है।
