सांकेतिक चित्र
उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से झमाझम बारिश का दौर जारी है। इसी क्रम में मौसम विभाग ने देहरादून समेत छह जिलों के लिए आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी में भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक, प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश का दौर आगामी 12 जुलाई तक लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आज और आने वाले सप्ताह में भी मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इसी क्रम में जनपद बागेश्वर में अगले 24 घंटे में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश का दौर आगामी 12 जुलाई तक लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आज और आने वाले सप्ताह में भी मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जनपद बागेश्वर में अगले 24 घंटे में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई… pic.twitter.com/iKwBhdjod7
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) July 7, 2026
उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में मंगलवार सुबह बादलों का डेरा रहा और कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई। बारिश के चलते तापमान सामान्य बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं मौसम सिभग ने मंगलवार को देहरादून समेत छह जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून देहरादून, मंडी, बरेली और अयोध्या के रास्ते होते हुए उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों को अपने आगोश में ले चुका है। आने वाले अगले दो से तीन दिनों के भीतर इसके पूरे राज्य में सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक मजबूत मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) बनी हुई है, जिसके प्रभाव से निचले क्षोभमंडल में दक्षिण-पूर्वी दिशा की तेज हवाएं चल रही हैं। ये हवाएं बंगाल की खाड़ी से भारी मात्रा में नमी लेकर उत्तराखंड के पहाड़ों और मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रही है।
बता दें, कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अधिकारियों को वर्षा काल में आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए अगले दो माह तक अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देश दिए हैं। सीएम धामी ने अधिकारियों से कहा है, कि मॉनसून अवधि के दौरान नियमित रूप से ग्राउंड जीरो पर रहकर व्यवस्था चाकचौबंद रखें।
