सांकेतिक चित्र (फोटो साभार: Gemini Canvas /canva) AI
उत्तराखंड की धामी सरकार ने जनस्वास्थ्य के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य खाद्य उत्पादों पर सरकार ने सख्ती करते हुए एक साल के लिए राज्य में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू बैन कर दिया है।
इस संबंध में खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार को आदेश जारी किया। सरकार के फैसले के तहत राज्य में निकोटिन युक्त खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। आदेश में जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे उत्पादों पर प्रतिबंध को आवश्यक बताया गया है।
उत्तराखण्ड में गुटखा,तम्बाकू पर प्रतिबंध, निर्माण,भण्डारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक। https://t.co/ZhfqEw9uBi
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) October 14, 2026
खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के प्रविधानों के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके दायरे में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला तथा किसी अन्य नाम से बाजार में उपलब्ध खाद्य उत्पाद शामिल हैं।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खाद्य उत्पादों में तंबाकू और निकोटिन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पादों में इनका उपयोग किए जाने की बात सामने आती रही है। इस फैसले के तहत इनके निर्माण, भंडारण और वितरण पर भी रोक लागू रहेगी।
इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक, सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिबंध का पालन कराने की जिम्मेदारी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन की होगी।
बता दें, कि उत्तराखंड सरकार ने इससे पहले साल वर्ष 2013 में भी गुटखा और इस तरह के दूसरे उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद साल 2015 और 2019 में भी इस तरह के आदेशों के जरिए पाबंदियां बढ़ाई गई थी।
