नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक की लहर,(फोटो साभार: एबीपी न्यूज)
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। नाना पाटेकर को आज गुरुवार सुबह 5:20 बजे कार्डियक अरेस्ट आया। 45 मिनट तक सीपीआर देने के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दिग्गज अभिनेता के निधन से देश में शोक की लहर है।
नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने गुरुवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
नाना पाटेकर जी को भावभीनी श्रद्धांजलि! https://t.co/RHzo8gRfow
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि आज सुबह ही खबर आई, कि मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर हमारे बीच नहीं रहे। वे बेहतरीन कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता। उन्होंने कहा, कि नाना पाटेकर का जीवन तिरंगे की आन-बान और शान के लिए समर्पित रहा।
पीएम मोदी ने कहा, “वो बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त व्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करार प्रहार किया। वो ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरोध में काम किया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख प्रकट करते हुए कहा, कि उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी उतनी ही प्रभावी थी। वो देश के विरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे। मैं नाना पाटकेर को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार और चाहनों वाले के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे में किया जाएगा। वहीं इससे पहले गोवा में भी उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को रखा गया था, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ गई थी। उनके चाहने वालों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी है।
गौरतलब है, कि नाना पाटेकर ने सितंबर 2023 में ‘द वैक्सीन वॉर’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान ‘आज तक’ को दिए गए एक इंटरव्यू में अपनी अंतिम समय से जुड़ी चीजों को शेयर किया था। दिग्गज अभिनेता ने इस दौरान बताया था, कि वो मृत्यु में यकीन रखते हैं और जानते हैं, कि एक दिन उन्हें जाना ही होगा।
अपने अंतिम संस्कार के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने बताया था, कि उन्होंने पहले ही 12 मन सूखी लकड़ियां जमा कर रखी हैं, क्योंकि उनका मानना था, कि अगर गीली लकड़ियों को जलाया जाएगा, तो इससे धुआं उठेगा और वहम हो जाएगा, कि लोग उनके लिए रो रहे हैं और वो जाते समय कोई वहम लेकर नहीं जाना चाहते।
बता दें, कि नाना पाटेकर का फिल्मी सफर करीब पांच दशक लंबा रहा है। उन्होंने बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में मुकाम पाया। उनका करियर छोटे और सपोर्टिंग्स रोल से शुरू हुआ था और फिर वो बड़े स्टार बने। उन्होंने साल 1978 में फिल्म ‘गमन’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।
इसके बाद इन्होंने ‘आज की आवाज’, ‘परिंदा’ और ‘एंगर’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्हें शुरुआत में सबसे ज्यादा पहचान फिल्म ‘अग्नि साक्षी’ से मिली। बॉलीवुड के अलावा उन्होंने मराठी, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में काम किया है। मराठी में उनकी मशहूर फिल्में ‘सिन्हासन’, ‘पक पक पकाक’ और ‘नटसम्राट’ शामिल हैं।
