डॉ. ढाल सिंह बिसेन उत्तराखंड के नए राज्यपाल नियुक्त, (फोटो साभार: अमर उजाला)
राष्ट्रपति दौपदी मुर्मु ने सोमवार को 6 राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की घोषणा की। इसी क्रम में राष्ट्रपति द्वारा उत्तराखंड के राज्यपाल के तौर पर डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति की गई है। डॉ. बिसेन उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल होंगे। बता दें, कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से लोकसभा के पूर्व सांसद हैं।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड के नए राज्यपाल के पद पर नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें बधाई दी। सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “डॉ ढाल सिंह बिसेन का दीर्घ राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा सार्वजनिक जीवन में उनका उल्लेखनीय योगदान प्रेरणादायी है।
आदरणीय डॉ. ढाल सिंह बिसेन जी को देवभूमि उत्तराखण्ड के राज्यपाल नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में आपका दीर्घ राजनीतिक अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान उल्लेखनीय रहा है।
माँ गंगा एवं बाबा केदार से आपके सफल, यशस्वी एवं मंगलमय कार्यकाल की कामना करता हूँ।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) October 12, 2026
उन्होंने कहा, कि मध्य प्रदेश सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में उन्होंने जनहित और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ढाल सिंह बिसेन के अनुभव एवं मार्गदर्शन से उत्तराखण्ड के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा राज्य की विकास यात्रा को और गति प्राप्त होगी।
बता दें, कि मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्में डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से आयुर्वेद एवं होम्योपैथी के डॉक्टर के साथ एक किसान भी है। वे मध्य प्रदेश के बरघाट विधानसभा सीट से चार बार के विधायक रह चुके हैं। साल 2003 से 2005 तक वे मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने साल 2011 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी। साल 2019 के आम चुनावों में बिसेन बालाघाट लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते और साल 2024 तक 17वीं लोकसभा के सदस्य यानी सांसद रहे।
गौरतलब है, कि लेफ्टिनेंट जनरल (रि) गुरमीत सिंह उत्तराखंड के इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज्यपाल बने रहने का नया रिकॉर्ड बना चुके हैं। उन्होंने लगभग 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। जो इससे पहले सुदर्शन अग्रवाल के नाम था। बतौर राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल ने 1,755 दिनों तक अपने पद पर काम किया था।
वहीं, गुरमीत सिंह ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी। गुरमीत सिंह ने 5 जुलाई 2026 को राजभवन (अब लोकभवन) में अपने ऑफिस में 1,755 दिन पूरे किए थे. जबकि, 6 जुलाई 2026 को वे ऑफिशियली पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले राज्यपाल बने।
