PM मोदी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार को बताया हीरो, (चित्र साभार: अमर उजाला)
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी से फ्लाई दुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच गयी। इस साहसिक कार्य के लिए दुनिया भर में उनकी जमकर प्रशंसा की जा रही है। बता दें, कि बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी जहां सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित के लिए ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, कि कैप्टन स्मित मच्छार एक हीरो हैं। बेहद गंभीर खतरे के बीच और खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने जबरदस्त हिम्मत दिखाई और दूसरों की जान बचाने के अपने इरादे से पीछे नहीं हटे।
Captain Smit Machchhar is a HERO.
In the face of the gravest danger and despite being seriously injured, he showed immense courage and an unwavering resolve to protect the lives of others.
His valour helped save hundreds of lives and avert a great tragedy.
India is proud of…
— Narendra Modi (@narendramodi) October 1, 2026
उन्होंने कहा, कि उनकी बहादुरी की वजह से सैकड़ों लोगों की जान बचाई जा सकी और एक बड़ी त्रासदी टल गई। भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, फिर से पूरी ताकत हासिल करने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।’
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की। उन्होंने कैप्टन स्मित के परिवार को भरोसा दिया, कि भारतीय मिशन उनकी हर संभव मदद कर रहे हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
बता दें, कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबकि, विमान ने बेहद कम समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। स्थिति बिगड़ती देख यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कॉकपिट तक पहुंचने की कोशिश की। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने का रास्ता बना।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कैप्टन मच्छार के साहस की खास तौर पर तारीफ करते हुए बताया, कि भारतीय पायलट बुरी तरह घायल और खून से लथपथ थे, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद बाद इस्राइली यात्री यानिव हयून कॉकपिट के अंदर पहुंचे।
नेतन्याहू के मुताबिक, हयून ने कथित हमलावर को पीछे से पकड़कर नियंत्रण से दूर किया और पायलट की सीट पर पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की। अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने भी हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई। घटना के बाद फ्लाईदुबई के विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया।
विमान ने तबूक में सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद यात्रियों को दूसरे विमान से तेल अवीव भेजा गया। फ्लाईदुबई ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया है, कि फ्लाइट के कॉकपिट में झड़प हुई थी और विमान में मौजूद ड्यूटी क्रू ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट किया।
बताया जा रहा है, कि विमान का को-पायलट प्लेन को क्रैश कराना चाहता था। उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा, लेकिन कैप्टन स्मित ने बहादुरी से उसका सामना करते हुए विमान के कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया जिसके बाद प्लेन को क्रैश होने से बचा लिया गया।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बतायी जा रही है। भारत सरकार कैप्टन स्मित मच्छार के मामले को लेकर सऊदी अरब और UAE की सरकारों के संपर्क में है। वहीं, कैप्टन स्मित का परिवार कल रात मुंबई से सऊदी अरब के लिए रवाना हो गया है।
