रायवाला बुजुर्ग महिला हत्याकांड का खुलासा, मृतका की बेटी गिरफ्तार, (फोटो साभार: (X@ETVBharatUK)
देहरादून जिले के रायवाला थाना क्षेत्र में 21 सितंबर को 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए मृतका की बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज बेटी ने अपने प्रेमी शिवनारायण पांडे उर्फ सोनू के साथ मिलकर मां के हत्या की साजिश रची थी।
जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय खजानी देवी शहीद भगत सिंह कॉलोनी, लाइनपार, मोतीचूर में किराये के मकान में अपनी छह वर्षीय पोती के साथ रहती थी। बीते सोमवार 21 सितंबर को जब खजानी देवी पोती को लेने स्कूल नहीं पहुंची, तो स्कूल प्रबंधन ने उनके दामाद पंकज थापा को फोन पर इसकी सूचना दी।
पंकज स्कूल से बच्ची को लेकर अपनी सास खजानी देवी के घर गया, लेकिन वहां ताला लगा हुआ था। इसके बाद वह बच्ची को अपने घर ले गया। शाम को पंकज ने देखा, कि कमरे में अभी भी ताला लटका हुआ है, तो उसने इसकी सूचना अपने साले संजय पुंडीर निवासी ग्राम काटल, भोगपुर को दी।
रात करीब साढ़े 10 बजे खजानी देवी के बेटे संजय पुंडीर ने कमरे का ताला तोड़कर घर के भीतर प्रवेश किया, तो बाथरूम में खजानी देवी मृत अवस्था में मिली। कोतवाली रायवाला थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन सिंह ने बताया, कि पुलिस ने घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ ही आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
शुरुआत में मामला हत्या का नजर आया और किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई। संजय पुंडीर की तहरीर पर रायवाला थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की छह अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
पुलिस ने रायवाला, ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी पुलिस की नजर मृतका की बेटी शिल्पा थापा और उसके परिचित शिवनारायण पांडे पर जाकर टिक गई। जांच में सामने आया, कि खजानी देवी और शिल्पा के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
वहीं वारदात से पहले शिल्पा के परिचित शिवनारायण को मृतका के घर के आस-पास देखे जाने की सूचना पुलिस को मिली। शिवनारायण की कुंडली खंगालने पर पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास और शिल्पा के साथ लगातार संपर्क में रहने की जानकारी प्राप्त हुई।
इसके अलावा घटना वाले दिन से उसका मोबाइल फोन बंद मिलना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बना। पुलिस ने शिवनारायण की तलाश में रायवाला, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल व धर्मशालाओं की जानकारी जुटाई। साथ ही बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों के लगभग 700 CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, कि शिवनारायण घटना से पहले और घटना के बाद हरिद्वार में छिपा हुआ है। सूचना पर तत्काल एक्शन लेते हुए पुलिस ने 25 सितंबर को उसे शांतिकुंज आश्रम हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान, शिवनारायण ने खजानी देवी की हत्या में शामिल होने का जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, उसने दावा किया, कि शिल्पा के कहने पर उसने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने शिल्पा थापा को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया, कि हत्या के पीछे संपत्ति विवाद के साथ-साथ शिल्पा और शिवनारायण के अवैध रिश्ते को लेकर मृतका की नाराजगी भी एक अहम कड़ी थी।
शिल्पा ने कथित तौर पर शिवनारायण को बताया था, कि खजानी देवी उसकी सौतेली मां हैं और यह भरोसा दिलाया, कि मां की मौत के बाद जमीन में उसे जो हिस्सा मिलेगा, उस संपत्ति को बेचकर दोनों अपनी गृहस्थी बसा सकते है। पुलिस जांच में दावा किया गया है, कि संपत्ति के का लालच के चलते शिवनारायण को हत्या के लिए तैयार हो गया।
जांच में पता चला, कि शिवनारायण और शिल्पा की मुलाकात मार्च 2026 में हरिद्वार के भूपतवाला स्थित एक होटल में हुई थी, जहां दोनों नौकरी करते थे। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। शिवनारायण बाद में नौकरी के सिलसिले में मुंबई चला गया, लेकिन दोनों लगातार संपर्क में रहे।
कोतवाली प्रभारी ने बताया, कि 19 सितंबर को शिवनारायण और शिल्पा खजानी देवी से मिलने उनके घर गए थे। जहां दोनों के संबंधों और पैसों को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद शिल्पा ने शिवनारायण को मां की हत्या के लिए तैयार किया। शिवनारायण द्वारा शिल्पा के भाई से पैसे उधार लिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिल्पा को अपनी मां की रोजमर्रा की दिनचर्या की जानकारी थी। उसने कथित तौर पर शिवनारायण को बताया था, कि खजानी देवी सुबह अपनी पोती को छोड़कर करीब आठ बजे तक घर लौट आती हैं और इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक घर में अकेली रहती है।
योजना के तहत, 21 सितंबर को शिवनारायण कथित तौर पर हत्या की नीयत से खजानी देवी के घर पहुंचा और मौका देखकर उनका गला दबा दिया। इसके बाद घर में ताला लगाकर वह मौके से फरार हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शिल्पा को इसकी जानकारी दी और उसके कहने पर हरिद्वार के शांतिकुंज में छिप गया।
पुलिस के अनुसार, खजानी देवी की पांच बेटियां और एक पुत्र है। शिल्पा सहित चार बेटियों और पुत्र का विवाह हो चुका है, जबकि सबसे छोटी पुत्री अविवाहित है। शिल्पा का पहले पति से तलाक हुआ था। इसके बाद परिवार ने उसकी दूसरी शादी पंकज थापा के साथ कराई।
पंकज कोई काम-धाम नहीं करता था, इस बात से शिल्पा नाराज रहती थी और पुश्तैनी जमीन में हिस्सा चाहती थी। वहीं पंकज थापा को शिल्पा के प्रेमी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जबकि उसकी मां को दोनों के संबंधों के बारे में पता था।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शिवनारायण के खिलाफ दिल्ली के हौजखास थाने में एक मामला दर्ज होने जानकारी सामने आई है। इस हत्याकांड के खुलासे में रायवाला थाना पुलिस और एसओजी ऋषिकेश की टीमों ने संयुक्त रूप से जांच की है।
