नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, (फोटो साभार: सोशल मीडिया)
नेपाल में तिब्बत की सीमा से सटे इलाके में आई भीषण बाढ़ ने कई गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को तबाह कर दिया। इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई और 9 जवान लापता बताये जा रहे है। चीन सीमा से आई अचानक बाढ़ में 1000 लोगों के बहने की आशंका है। हालांकि, अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई जबरदस्त बाढ़ से सीमावर्ती इलाकों में भारी नुकसान पंहुचा है और निचले इलाकों के कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बताया जा रहा है, कि तिब्बत की तरफ से आई यह बाढ़ सुबह करीब नौ बजे (स्थानीय समय) भोटे कोशी नदी में तेजी से बढ़ी।
बता दें, कि भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलती है और नेपाल की त्रिशूली नदी में मिलती है, जो आगे चलकर भारत में नारायणी/गंडक नदी के रूप में बहती है और बिहार में प्रवाहित होने पर अंततः गंगा में मिल जाती है। इसी क्रम में बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले को भी अलर्ट किया गया है।
🚨 INDIA, BE CAREFUL! 🇮🇳
A major flood wave has entered Nepal’s Bhote Koshi from the Tibetan side, triggering alerts across the Trishuli basin.
Bhote Koshi → Trishuli → Narayani/Gandak → Bihar → Ganga.
West Champaran, East Champaran, Gopalganj, Saran & Vaishali should… pic.twitter.com/5oayN3emjN
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) August 26, 2026
स्थानीय मीडिया के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान चीन-नेपाल सीमा के नजदीकी इलाकों में हुआ है। अभी तक हताहतों और नुकसान का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन भारी जन-धन हानि की आशंका जताई जा रही है। ऐसी आशंका जताई जा रही है, कि तिब्बत में किसी ग्लेशियल झील के अचानक फटने यह सैलाब आया होगा।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नेपाल में बाढ़ से हुए भारी तबाही के बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपातकालीन बैठक बुलाई है। उनके सलाहकार असीम शाह ने बताया, कि पीएम सीधे ही प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं और हर पल की निगरानी कर रहे हैं।
नेपाल पुलिस ने एक बयान में कहा है, कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही हुई, जिसमें गाड़ियां, सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से बहुत ज्यादा था बता दें, कि रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में, तिब्बत सीमा से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित है।
भोटेकोसी नदी रसुवामा तिब्बत तर्फबाट ठुलो बाढी प्रवेश गरेकोले अर्को सूचना नआउँदासम्म त्रीशुली नदीको तटिय क्षेत्रका जिल्लाहरु नुवाकोट, धादिङ, चितवन, गोरखा लगायतका स्थानहरूमा उच्च सतर्कता सहित सुरक्षित स्थानमा रहन अनुरोध छ। pic.twitter.com/Zun6icZZCM
— Nepal Police (@NepalPoliceHQ) August 26, 2026
वहीं इस भयानक प्राकृतिक आपदा के बाद चीन की मंशा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई नेपाली नागरिक चीन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है, कि चीन ने वक्त रहते नेपाल को तिब्बत से आने वाले इस भीषण बाढ़ की जानकारी नहीं दी।
वहीं मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया, कि इस बाढ़ के लिए स्थानीय बारिश जिम्मेदार नहीं है। तिब्बत की तरफ झील फटने की जांच चल रही है। दरअसल, हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इस वजह से झीलें बन रही हैं और झीलों के कारण कभी भी विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।