PM मोदी ने बालोतरा ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्द्घाटन किया,(फोटो साभार: X@narendramodi)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के बालोतरा और जोधपुर का दौरा कर प्रदेश को करीब 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का बड़ा तोहफा दिया। इन परियोजनाओं में पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़कें, रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली ट्रांसमिशन जैसे कई सेक्टर शामिल हैं।
बालोतरा में देश की नई रिफाइनरी भारत के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल सेक्टर के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। बता दें, कि नए टर्मिनल में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि यात्रियों को बेहतर और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।
Inaugurated the integrated refinery-cum-petrochemical Complex, the HPCL Rajasthan Refinery at Pachpadra today. This landmark project will strengthen India’s energy security, boost domestic manufacturing, generate employment and accelerate economic transformation. It is another… pic.twitter.com/zWuYok3rvZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 4, 2026
पीएम मोदी ने बालोतरा के पचपदरा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी के उद्घाटन का जिक्र करते हुए कहा, “आज का दिन साक्षी है, कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं।”
प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी में दो माह पहले हुए अग्निकांड का उल्लेख करते हुए कहा, कि इसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना भी परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘आप सभी ने दिखा दिया है कि चुनौती चाहे कितनी भी बड़ी और अप्रत्याशित क्यों न हो, नया भारत अपने संकल्पों से न तो पीछे हटता है और न ही अपनी रफ्तार कम करता है।’
आज का दिन साक्षी है कि भाजपा सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ शिलान्यास करके नहीं छोड़ती।
बल्कि हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए भी दिन-रात एक कर देते हैं।
दो महीने पहले यहां जो हादसा हुआ, उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना भी परिश्रम की पराकाष्ठा का उदाहरण है।
-पीएम… pic.twitter.com/fhyxxwasNh
— BJP (@BJP4India) July 4, 2026
उन्होंने कहा, कि दुनिया में युद्ध और अशांति से हमारे किसानों के लिए भी चुनौतियां पैदा होती हैं। अभी पश्चिमी एशिया संकट, खाड़ी देशों के संकट और इससे पहले यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया में खाद का बड़ा संकट भी पैदा हुआ है, उर्वरक के लिए समस्या पैदा हो गई।
पीएम मोदी ने बताया, “यूक्रेन युद्ध के बाद एक समय यूरिया की एक बोरी की कीमत 3000 रुपये से भी ऊपर पहुंच गई थी, लेकिन हम अपने किसानों को जो दुनिया के बाजार में 3 हजार रुपये की बोरी थी, उसे हम केवल 300 रुपये में देते रहे। इसके लिए खजाने से लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने पड़े। सब्सिडी भी दी गई।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि इस संकट के दौरान भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए, संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई और भारत के संसाधनों का संतुलित प्रयोग किया। उन्होंने कहा, ‘भारत की ‘डिप्लोमेटिक पावर’ का सकारात्मक इस्तेमाल किया गया और तब जाकर भारत सकंट से उबर पाया है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा, कि बड़े-बड़े देश ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत ने सही समय पर कूटनीति का बेहतरीन इस्तेमाल किया। भारत पहले 25 देशों से ईंधन मँगाता था, लेकिन संकट के समय 40 से ज्यादा देशों से तेल आयात किया गया।
वैश्विक रिफाइनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 50 वर्षों में अमेरिका में कोई नई रिफाइनरी नहीं बनी है, यूरोप की रिफाइनरी की क्षमता भी धीरे धीरे घटी है। और इसी समय भारत के पास चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता है।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया, कि राजस्थान में कांग्रेस के शासन 2018 से 2023 के दौरान इस रिफाइनरी का काम रुका रहा।”
प्रधानमंत्री ने बताया, कि सरकार ने जनता पर कोई बोझ नहीं पड़ने दिया। पेट्रोल-डीजल पर कंपनियों को 75 हजार करोड़ का घाटा हुआ। इस घाटे को सरकारी खजाने से पूरा किया गया। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी भी 10 रुपए कम की। उन्होंने कहा, कि अफवाहें बहुत फैलाई गईं, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए लेकिन जिनके इरादे गलत थे वो सफल नहीं हो पाए।
