ओरेकल ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, (फोटो साभार: @IndianTechGuide)
अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) ने दुनिया भर में अपने 20,000 से 30,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। दरअसल, ओरैकल ने हाल ही में अपने इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक का ऐलान किया है। टेक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को इसकी जानकारी सुबह-सुबह ई-मेल के जरिए दी।
बताया जा रहा है, कि इस छंटनी का प्रभाव अमेरिका, भारत, कनाडा और लैटिन अमेरिका सहित कई देशों में देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार सिर्फ नए या जूनियर कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि एक लंबे वक्त से कंपनी में कार्यरत अनुभवी और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है।
गौरतलब है, कि ओरैकल कंपनी की यह छंटनी प्रक्रिया कोई अकेला मामला नहीं है। दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों में मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, डिज्नी और एएसएमएल जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों को बाहर किया है। बताया जा रहा है, कि सिर्फ मेटा और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलकर हाल के दिनों में 20,000 से ज्यादा नौकरियाँ खत्म कर दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को निकालने का यह चलन सिर्फ घाटे में चल रही कंपनियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मोटा मुनाफा कमा रही कंपनियाँ भी अपने वर्कफोर्स को कम कर रही है। हैरानी की बात यह है, कि ये छंटनी ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल ने पिछले एक दशक में अपनी सबसे मजबूत ‘ऑर्गेनिक ग्रोथ’ दर्ज की है। कंपनी का राजस्व साल-दर-साल 22 फीसदी तक बढ़ा है।
इस पूरे बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को बताया जा रहा है। कंपनियाँ तेजी से AI में निवेश कर रही हैं, जिससे काम के कई हिस्से ऑटोमेट हो रहे है। इस छंटनी के कारण टेक सेक्टर में जॉब सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर जो रूटीन कोडिंग, टेस्टिंग और ऑपरेशंस से जुड़ी है, क्योंकि AI टूल्स अब इन कामों को तेजी से और कम लागत में करने लगे हैं।
