गैरसैंण में CM धामी ने पेश किया 111,703.21 करोड़ का बजट
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित विधानसभा में बजट सत्र के तहत सोमवार (9 मार्च 2026) को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपए का बजट सदन में पेश किया। बजट में नई योजनाओं, बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर विशेष जोर देते हुए आठ मूल मंत्रों के आधार पर संतुलित करने का प्रयास किया गया है।
बजट 2026-27 को धामी सरकार ने संतुलन (SANTULAN) मॉडल पर आधारित बजट करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि इस बजट का मूल मंत्र SANTULAN है, जिसका अर्थ है – समावेशी, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव और शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था।
-विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अन्तर्गत ₹6.71 करोड़।
-पैक्स के कंप्यूटरीकरण हेतु लगभग ₹5.67 करोड़।
-जनपदों में केंद्रीकृत रिकॉर्ड रूम के अन्तर्गत ₹10.00 करोड़।
-यूनिफार्म सिविल कोड के अन्तर्गत ₹5.00 करोड़।
*संतुलन (SANTULAN) तीव्र विकास (T)*
-पीएमजीएसवाई योजना के…
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) March 9, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा, कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला बजट है। उन्होंने कहा, कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है।
सीएम धामी ने बजट पेश करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से वार्ता में कहा, कि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया, कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 14,500 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी राज्य की आर्थिकी में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में 15,285 रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा, कि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य की वास्तविक विकास दर 7.23 प्रतिशत अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत के आसपास है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि राज्य सरकार ने FRBM अधिनियम के सभी मानकों का पालन करते हुए बेहतर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। सरकार ने राजस्व अधिशेष बनाए रखा है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 3% के भीतर रखा है।
LIVE: बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) पेश करने के उपरांत गैरसैण में प्रेस वार्ता https://t.co/AYg2VhH95e
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
सीएम धामी ने कहा, कि यह राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। बजट में कुल 1,11,703 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है, जिसमें 64,989 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 18,153 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। वहीं कुल प्राप्तियां 1,10,143 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। केंद्र सरकार से मिलने वाले करों में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 17,415 करोड़ रुपये तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत लगभग 18,491 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया, कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298 करोड़ रुपये तथा शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा, कि बजट में युवाओं के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्र में 11,871 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 586 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में 1,113 करोड़ रुपये, जबकि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नंदा गौरा योजना जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया, कि राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये तथा लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। इनमें कुंभ मेला तैयारियों के लिए लगभग 1,027 करोड़ रुपये, साइबर सुरक्षा के लिए 15 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18.5 करोड़ रुपये, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व उभरती तकनीकों के लिए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं।
उन्होंने कहा, कि सरकार नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा, कि यह बजट वास्तव में “विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज” है।
