CM धामी ने कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार (4 फरवरी 2026) को सचिवालय सभागार में कौशल विकास के अंतर्गत अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवर्ड लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा बैठक में इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई, कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
सीएम धामी ने कहा, कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा जो ITI से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए।
सचिवालय में कौशल विकास विभाग के अंतर्गत आयोजित बैठक में आईटीआई एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के प्लेसमेंट और उचित वेतन सुनिश्चित करने के संबंध में विभागीय स्तर पर त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
साथ ही यह निर्देशित किया कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग विभाग आपसी समन्वय से… pic.twitter.com/3E53EjQSwY
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 4, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए, कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने पर बल दिया।
सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वर्कफोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वर्कफोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत @ 2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाए।”
उन्होंने कहा, कि विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं के साथ भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइंस साझा की जाए, ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो।
मुख्यमंत्री धामी ने सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों।
वहीं मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

