CM धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया है। सोमवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सीएम धामी ने केंद्रीय बजट 2026–27 के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “बजट में पूंजीगत व्यय में की गई बढ़ोतरी से दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव रखी गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।
देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026–27 के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बजट देश की आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और विकासशील सोच को सशक्त करने के साथ-साथ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी मजबूती प्रदान करता… pic.twitter.com/CtJP4upqvR
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 2, 2026
उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया यह बजट उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। पर्यटन, आयुष, फार्मा, हथकरघा, खादी एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
सीएम धामी ने कहा, कि बजट के तीन प्रमुख स्तंभ संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास, सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, बच्चों और वंचित वर्गों सभी के समग्र उत्थान का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने बताया, कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा, कि प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, कि पर्यटन क्षेत्र में किए गए विविध और नीतिगत प्रावधानों से उत्तराखण्ड में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।
सीएम धामी ने बताया, कि आयुष, फार्मा, हथकरघा, खादी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस से उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय एवं वन संपदा से समृद्ध राज्य में ग्रीन इकोनॉमी को बल मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया, कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उत्तराखंड के हितों का ध्यान रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर केंद्र सरकार को दिए गए प्रस्तावों और अनुरोधों को भी बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित किया गया है, जो राज्य-केंद्र के सहयोगात्मक संघवाद का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने कहा, कि केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखण्ड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित व सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

