(सांकेतिक चित्र)
संचार क्रांति के युग में जहां एक ओर डिजिटल तकनीक ने दैनिक जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठग भी इस तकनीक के जरिये लोगों को अपना शिकार बना रहे है। साइबर अपराधियों द्वारा ई-मेल, फेसबुक, कंप्यूटर, लैपटॉप, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग के जरिये आम आदमी को डिजिटल क्राइम का शिकार बनाया जाता है।
हैरानी की बात यह है, कि पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, सोशल मीडिया व तमाम समाचार पत्रों में प्रतिदिन खबरें प्रकाशित होने के बावजूद भी साइबर ठगी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। साइबर ठग आज भी पुराने तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैँ, फिर भी हर दिन नए शिकार उनके जाल में फंस रहे है।
इसी क्रम में नए साल के पहले दिन ही साइबर क्राइम के तीन मामले सामने आए हैं। तीन व्यक्तियों के साथ 2.67 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई है। पहले मामले में साइबर ठगों ने 85 वर्षीय बुजुर्ग को 15 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की। जबकि दूसरे मामले में हरिद्वार स्थित शांतिकुंज में कार्यरत इंजीनियर को निवेश का लालच देकर लाखों रुपए की साइबर ठगी की गई है।
वहीं तीसरे मामले में एक युवती ने टिहरी के एक व्यापारी से लाखों रुपये की ठगी कर डाली। युवती ने 14 दिनों तक युवा व्यापारी से व्हाट्स एप पर बातचीत की और उसके बाद निवेश का झांसा देकर ठगी को अंजाम दिया। तीनों मामलों में साइबर क्राइम पुलिस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, टिहरी निवासी युवा व्यापारी ने अपनी शिकायत में बताया, कि बीती अक्टूबर को उसे एक युवती की फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उसने एक्सेप्ट कर लिया और दोनों के बीच मैसेंजर पर बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद युवती ने व्यपारी से उसका मोबाइल नंबर मांगा और कहा कि वह व्हाट्सएप पर बातचीत करेंगे।
इसके बाद युवती और पीड़ित के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत का दौर शुरू हो गया। नवंबर के पहले हफ्ते में युवती ने पीड़ित को ट्रेडिंग के बारे में बताया और एक लिंक भेज कर पंजीकरण करने को कहा। साथ ही बैंक अकाउंट नंबर भी भेजा, जो हर्ष यादव के नाम पर था। ट्रेडिंग के नाम पर युवती ने व्यपारी से 50 हजार रुपए जमा करवाए और उसका मुनाफा वॉलेट पर भेज दिया।
इसके बाद साइबर अपराधियों ने युवा व्यापारी से 30 दिसंबर तक 99 लाख 21 हजार रुपए अलग-अलग खाते में जमा करवाए। वहीं जब पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया, तो उन पर और पैसा जमा करने का दवाब डाला गया। उसके बाद युवती ने अचानक पीड़ित को अनफ्रेंड करते हुए संपर्क बंद कर दिया और तब जाकर पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
वहीं दूसरे मामले में शांतिकुंज हरिद्वार निवासी आदित्य कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है, कि 16 सितंबर को उन्हें विक्रम सिंह नाम शख्स ने व्हाट्सएप कॉल पर स्वयं को नाका सॉल्यूशन कंपनी का को-पार्टनर बताया और निवेश का झांसा देकर पहले उनसे छोटे-छोटे टास्क करवाए, जिसमें पीड़ित को 200 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ।
कुछ दिनों बाद पीड़ित को ट्रेनिंग करवा कर उसे एक करोड़ 66 लाख रुपए का लाभ दिखाया गया। जब पीड़ित ने अपने मुनाफे की रकम निकालनी चाही, तो साइबर ठगों ने अलग-अलग फीस जमा करने के नाम पर रुपए जमा करने के लिए कहा गया, जिसके बाद पीड़ित ने रकम निकालने के लिए 4 लाख 89 हजार रुपए बैंक ट्रांजेक्शन फीस जमा कराई।
साइबर ठगों ने पीड़ित को झांसे से में लेकर 90.78 लाख रुपये जमा कराए और बाद में साइबर ठगों ने संपर्क करना बंद कर दिया। बताया जा रहा है, कि पीड़ित इंजीनियर ने विदेश में रहकर अच्छा-खासा पैसा कमाया और इसके बाद वे पुण्य कमाने के लिए शांतिकुंज हरिद्वार पहुंचे, लेकिन लालच में आकर उन्होंने 90.78 लाख रुपये गंवा दिए।
इसी क्रम राजकुमार निवासी तपोवन रायपुर ने साइबर पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, कि वह एक्सपोर्ट का बिजनेस करते हैं। अक्टूबर माह में उन्हें एक अज्ञात शख्स ने फोन कर खुद को बीएसएनएल कर्मचारी बताया और उनके फोन नंबर को बंद करने की बात कही। उसके बाद कॉल को अन्य व्यक्ति से जोड़ा गया है, जिसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया।
पीड़ित को फोन करने वाले शख्स ने बताया, कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर एक बैंक में खाता खोला गया है। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है और जल्द गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। साइबर ठगों ने 22 अक्टूबर से 4 नवंबर तक बुजुर्ग को 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा और चार बैंक खातों में रकम जमा करने को कहा गया।
19 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच पीड़ित ने कुल 68 लख रुपए ट्रांसफर कर दिए। साइबर ठगों ने 4 नवंबर को पुलिस क्लीयरेंस का फर्जी सर्टिफिकेट भेज पैसे लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन संपर्क टूटने पर ठगी का पता चला। साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया है, तीनों मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
