कांग्रेस सांसद और LoP राहुल गांधी, (फोटो साभार: PTI)
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने संगठन के 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन नेताओं पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी’ रैली में शामिल नहीं होने का आरोप है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों में 9 जिला अध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल है।
गौरतलब है, कि दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली आयोजित की गई थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस रैली को संबोधित किया था। रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। इस रैली में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारी शामिल नहीं हुए थे।
इसके बाद मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर तीन नवंबर को इनके निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी’ रैली में अनुपस्थित रहने को संगठन ने गंभीरता से लिया है।
निलंबन आदेश
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में, दिनांक 01 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित “वोट चोरी रैली” में अनुपस्थित रहने के कारण उत्पन्न संगठनात्मक अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए, मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के निम्नलिखित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित किया जाता है।
यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
आदेशानुसार,
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस
दिनांक: 03 नवंबर 2026— MP Youth Congress (@IYCMadhya) November 3, 2026
इसी आधार पर संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है। वहीं इस कार्रवाई के बाद निलंबित किये गए नेताओं में भारी नाराजगी है। उनका आरोप है, कि बिना किसी कारण बताओ नोटिस और पक्ष रखने का मौका दिए, सीधे निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।
इनमें एमपी यूथ कांग्रेस के महासचिव रोहित राजौरिया भी हैं जो पार्टी के लिए पिछले 12 सालों से काम कर रहे हैं। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, कि वे वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन मुश्किल पारिवारिक परिस्थितियों में कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने पर संगठन ने उनकी सेवाओं को नजरअंदाज कर दिया।
राजोरिया के मुताबिक, वह 15 अक्टूबर को दिल्ली से अपने घर लौटे थे और अगले ही दिन यानी 16 अक्टूबर को उनके चाचा का निधन हो गया। परिवार में हुई इस दुखद घटना के कारण वह मानसिक और पारिवारिक परेशानी से गुजर रहे थे। इसी वजह से 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
वहीं रामलीला मैदान में आयोजित रैली में शामिल नहीं होने पर मध्य प्रदेश के अलावा हरियाणा के 10 और हिमाचल प्रदेश के 13 पदाधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। बहरहाल, राहुल गाँधी की रैली में गैरहाजिर रहने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी के सख्त रूख के बाद हडक़ंप मचा हुआ है।
