सांकेतिक चित्र
कानपुर शहर के बड़े दवा कारोबारी विपिन मिनोचा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कारोबारी की बहू शालू ने ही पूर्व नौकर विशाल गौतम को छह लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाई। जांच में सामने आया, कि शालू ने विशाल से कहा था, कि अगर पकड़े जाओ तो उसका नहीं, बल्कि उसके पति सुब्रत का नाम लेना।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर के कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की शनिवार देर रात चाकू से नृशंस हत्या कर दी गई। हत्यारों ने कारोबारी पर 26 से ज्यादा वार किए। रविवार तड़के पार्टी से घर लौटे बेटे-बहू को फ्लैट में उनका खून से लथपथ शव मिला।
दवा कारोबारी अपने बेटे सुब्रत, बहू शालू और 6 वर्षीय पोते के साथ रहते थे। शनिवार रात करीब 10:30 बजे बेटा, बहू और पोता किसी पार्टी में गए थे। तड़के करीब 3 बजे जब वे घर लौटे, तो फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर पहुंचने पर विनीत का शव कमरे के फर्श पर खून से लथपथ मिला, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के समय विनीत मिनोचा अपने फ्लैट में अकेले थे। बेड की चादर और फर्श पर खून फैला हुआ था। लड़ाई के निशान भी मिले। पुलिस का कहना है, कि हमलावरों ने पहले अचानक हमला किया। इसके बाद उनकी गर्दन रेत दी गई और शरीर पर चाकू से कई वार किए गए।
प्रारंभिक जांच में लूटपाट के स्पष्ट संकेत भी नहीं मिले। इससे पुलिस को शुरुआती तौर पर आशंका हुई, कि हत्या का मकसद लूट नहीं बल्कि सिर्फ हत्या करना था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दो युवक फ्लैट में जाते और बाहर निकलते देखा गया। जिनकी पहचान पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और राजकिशोर के रूप में हुई।
जांच के दौरान विशाल गौतम और राज किशोर पुलिस के रडार पर आए। पुलिस ने रविवार की देर रात दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई। पूछताछ में हत्यारोपियों विशाल गौतम और राजकिशोर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया।
उन्होंने बताया, कि उन्होंने कारोबारी की बहू शालू के कहने पर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, हत्या की जानकारी कारोबारी के बेटे सुब्रत को भी थी। हत्या के बाद विशाल को दो लाख रुपये और 15 दिन बाद चार लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, कि बहू ने पूछताछ में बताया, कि भले ही वह करोड़पति खानदान की बहू है, लेकिन उन्हें व उनके पति पर काफी बंदिशें थी। घूमने-फिरने, पार्टी करने पर भी टोकाटाकी होती थी। पूरे घर में कैमरे लगे थे और उसके आने-जाने पर नजर रखी जाती थी।
शालू ने बताया, कि ससुर का कारोबार पर पूरा नियंत्रण था। पति व उसे महीने में उसी तरह सैलरी मिलती थी, जैसे अन्य कर्मियों को दी जाती है। जिससे वह तंग आ चुकी थी। वह अपनी मर्जी के कपड़े तक नहीं पहन पाती थी। छोटी-छोटी बातों पर टोकाटाकी से वह परेशान थी। इसी वजह से हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस के मुताबिक, शालू ने ही विशाल को घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाकर दी थी। घटना से पहले शालू ने गार्ड को विशाल का नाम शुभम बताकर लिखवाया था, लेकिन वारदात वाली रात उसकी एंट्री रजिस्टर में न करने के लिए कहा था। फिलहाल पुलिस ने मंगलवार को पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने का दावा किया है।
विनीत विनोचा बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे। परिवार का दवा कारोबार करीब तीन पीढ़ियों पुराना बताया गया है। कर्मचारियों ने विनीत को हंसमुख और मिलनसार स्वभाव का बताया। कर्मचारियों का कहना है, कि उन्होंने कभी वेतन से पैसे नहीं काटे।