सांकेतिक चित्र
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को हरिद्वार के रानीपुर थाने में विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए ASI सोनिया को कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, महिला एएसआई पर दूसरे पक्ष के साथ लेन-देन के विवाद में शिकायतकर्ता का समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। महिला एएसआई की गिरफ्तारी शहर कोतवाली क्षेत्र से की गई है। वहीं इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सतर्कता विभाग के मुताबिक, टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत मिली थी कि रानीपुर थाने में तैनात एएसआई शिकायतकर्ता के पक्ष में मामला निपटाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता, सेक्टर देहरादून ने ट्रैप टीम गठित की।
इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। शनिवार, 10 अक्टूबर को विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता को आरोपित महिला पुलिसकर्मी द्वारा बताए पते के अनुसार हरिद्वार बुलाया। जैसे ही रिश्वत मांगी गई, तभी कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते एएसआई को गिरफ्तार कर लिया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, माहिला दरोगा की तैनाती रानीपुर कोतवाली में है, जबकि उसे शहर कोतवाली क्षेत्र से पकड़ा गया। बताया जा रहा है, कि सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर उसकी ड्यूटी शहर कोतवाली क्षेत्र में लगी हुई थी। इसी दौरान उसने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम देने के लिए बुलाया था।
विजिलेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ने महिला एएसआई की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए प्रेस नोट जारी किया है। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार महिला एएसआई के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
