मुस्लिम महिला जेल अधिकारी और धर्मेंद्र ने हिंदू रीति-रिवाज की शादी,(फोटो साभार: दैनिक जागरण)
मध्य प्रदेश के सतना जिले में मजहब की दीवार और समाज की बंदिशों को तोड़ते हुए केंद्रीय जेल में पदस्थ सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने पूर्व कैदी धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति रिवाज से विवाह कर लिया है। सतना सेंट्रल जेल के अधिकारियों, कर्मचारियों और कैदियों ने भी नवविवाहित जोड़े को अपनी शुभकामनाएं दी है।
जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार (5 मई 2026) को सतना की केंद्रीय जेल की सहायक जेल अधीक्षिका फिरोजा खातून ने हत्या के मामले में 14 साल की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह से हिंदू रीति रिवाज से छतरपुर के लवकुशनगर में शादी की है। दरअसल, साल 2019 में फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल की असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट बनी।
बताया जा रहा है, कि इस दौरान उनकी मुलाकात जेल में धर्मेंद्र सिंह नामक एक कैदी से हुई। धर्मेंद्र छतरपुर जिले के चंदला का रहने वाला है और साल 2007 में एक पार्षद की हत्या और शव दफनाने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। जेल में रहने के दौरान धर्मेंद्र सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा के काम में हाथ बंटाता था।
इस दौरान दोनों की दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। धर्मेंद्र ने 14 साल जेल में बिताए। अच्छे आचरण को देखते हुए शासन ने 4 वर्ष पहले उसकी रिहाई कर दी थी। जेल में रहने और रिहा होने के बाद धर्मेंद्र और फिरोजा की मुलाकातें होती रही। इसके बाद धर्मेंद्र और फिरोजा ने समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया।
धर्मेंद्र और फिरोजा ने जब विवाह का फैसला किया, तो फिरोजा के परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इंकार कर दिया और विवाह समारोह से दूरी बना ली। ऐसे में मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल पेश करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने अपनी धर्मपत्नी के साथ मिलकर माता-पिता के रूप में फिरोजा का कन्यादान किया।
आप है सतना की जेलर साहिबा मोहतरमा फ़िरोज़ा ख़ातून जी…
आप अपने ड्यूटी के दौरान उम्रकैद की सजा काट रहे श्री धर्मेंद्र सिंह जी के संपर्क में आती है और अक्सर भेंट मुलाकात होने के दौरान आपलोगों के मध्य प्रेम के बीज का प्रस्फुटन होता है।
चूंकि धर्मेंद्र सिंह जी का आचरण अच्छा होता… pic.twitter.com/yJ6Qxz6OPV
— 🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳 (@jpsin1) May 7, 2026
शादी की खबर सामने आते ही यह मामला चर्चा का विषय बन गया। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस साहसी कदम की सराहना करते हुए जोड़े को शुभकामनाएं दे रहे है। वहीं कुछ लोग इस शादी का विरोध भी कर रहे है। हालांकि, अब इस चर्चित शादी ने ये साबित कर दिया है, कि प्रेम सामाजिक और मजहबी बंधन से कही ऊपर है।
