UP ATS ने दो संदिग्ध आतंकियों को दबोचा, (फोटो साभार : X@DDNewsUP)
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दुश्मन मुल्क पकिस्तान के इशारे पर आतंकी हमले की साजिश रचने के आरोप में दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया हैं। ये दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टरों और ISI एजेंट के संपर्क में थे। आरोपी देश के संवेदनशील संस्थानों, पुलिस ठिकानों और सुरक्षाबलों पर हमले की साजिश रच रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों की पहचान बाराबंकी के रहने वाले 23 वर्षीय दानियाल अशरफ और कुशीनगर के रहने वाले 20 वर्षीय कृष्णा मिश्रा के रूप में हुई है। एटीएस ने कृष्णा को गोरखपुर और दानियाल को बाराबंकी से दबोचा है। ATS के मुताबिक, दोनों युवक पाकिस्तान के आतंकी शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के संपर्क में थे।
यूपी ATS की कार्रवाई, आतंकवादियों के मददगारों की शामत आई!
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— DD News UP (@DDNewsUP) May 6, 2026
जाँच एजेंसी को जानकारी मिली थी, कि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन इंटरनेट मीडिया के जरिए भारत के युवाओं को फुट सोल्जर और स्लीपर सेल के रूप में भर्ती कर रहे हैं। पाकिस्तानी आतंकियों के इशारों पर इन युवाओं को कट्टरपंथी बनाया जा रहा है। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए एटीएस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान सामने आया, कि व्हाट्सएप ग्रुप कॉल के जरिए संदिग्ध विदेशी नंबरों से बातचीत कर देशविरोधी साजिशें रची जा रही थी। दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन में पाकिस्तानी नंबर सेव मिले हैं। सोशल मीडिया के जरिए इनकी वीडियो कॉलिंग और देश-विरोधी बातचीत के सबूत भी मिले हैं।
दोनों युवकों के मोबाइल की जाँच में पता लगा, कि दानियाल अशरफ ने अन्य राज्य के पुलिस स्टेशन की रेकी कर वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजे थे। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी भी शेयर की गई थी। उसने पाकिस्तानी हैंडलर्स से पैसे और हथियारों की डिमांड भी की थी।
यहाँ तक की हम्माद ने आबिद जट की पाकिस्तानी डॉन लिखी तस्वीर भी अशरफ को भेजी थी। इस फोटो की 50 कॉपियाँ छपवाकर अलग-अलग जगहों पर छपवाने के निर्देश दिए गए थे। ATS ने दोनों युवकों के पास से एक देशी पिस्तौल, एक तमंचा, 315 बोर, 6 जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
वहीं, कृष्णा मिश्रा के मोबाइल से ऐसे वीडियो और ऑडियो मिले हैं, जिनमें पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारने और उसका वीडियो भेजने का टास्क दिया गया था। उसके फोन में रेकी से जुड़े वीडियो भी बरामद हुए हैं। दोनों आरोपियों ने बताया, कि इंस्टाग्राम के जरिए उनका संपर्क हुआ था, उन्हें लालच दिया गया, कि टास्क पूरा करने के बाद उन्हें ‘हीरो’ बना दिया जाएगा।
