दून पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित के मांडूवाला में बीते दिनों जंगलों से बरामद महिला की लाश मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, कत्ल को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि महिला का पति ही निकाला है। बताया जा रहा है, कि आरोपी ने दो शादी कर रखी है। मृतका आरोपी को पहली पत्नी रूपा थी।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार 11 मार्च को मांडूवाला के जंगलों में एक महिला की लाश कट्टे में मिली थी। शव चार से पांच दिन पूरा लग रहा था। महिला का शव काफी खराब हो चुका था, इसलिए शिनाख्त भी नहीं हो पाई। इस प्रकरण में उपनिरीक्षक अमित शर्मा चौकी प्रभारी झाझरा की तहरीर के आधार पर प्रेमनगर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
वहीं मामले के खुलासे के लिए पुलिस की आठ अलग-अलग टीमों को लगाया गया। पुलिस टीमों ने घटना स्थल और उसके आस-पास के जंगलों में कॉम्बिंग करते हुए इलाके में लगे करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। मृतक महिला के पहनावे से लग रहा था, कि वो किसी मलिन बस्ती की निवासी है।
इसके बाद पुलिस ने आस-पास मौजूद 30 से अधिक झुग्गी बस्तियों में सत्यापन अभियान चलाया। तफ्तीश के दौरान पुलिस को सूचना मिली, कि कॉसवाली कोठरी में नव निर्मित मकान में काम करने वाला एक मजदूर अपनी बीवी और छोटे बच्चे के साथ वहीं पर रहता है, लेकिन होली के बाद से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है।
इस सुराग का पीछा करते हुए पुलिस ने मकान के ठेकेदार शिवजी निवासी भाऊवाला से संपर्क किया। ठेकेदार ने पूछताछ के दौरान बताया, कि उसके पास काम करने वाले मजदूर रंजीत शर्मा की दो पत्नियां है। पहली पत्नी रूपा अपनी बच्ची के साथ फरवरी में उसके पास आई थी और निर्माणाधीन साइड पर ही उसके साथ रह रही थी।
ठेकेदार ने बताया, कि 8 मार्च को रंजीत ने पत्नी और बच्ची को बिहार भेजने की बात कहकर बाइक और 1500 रुपए मांगे थे। 9 मार्च को उसने ठेकेदार को कहा, कि उसकी पत्नी रूपा बिहार वापस चली गई है। इसी बीच दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके साथ रहने आ गई है। कुछ दिनों बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी और पहली पत्नी की बच्ची के साथ भाटोवाला में रहने लगा।
इस पुख्ता सूचना के बाद पुलिस भाटोवाला पहुंची, जहां पुलिस को देखकर रंजीत ने मौके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उसे दबोच लिया गया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया, उसी ने अपनी पहली पत्नी रूपा का गला घोंटकर हत्या की थी, और उसका शव जंगल में फेंक दिया था।
पुलिस की जांच के दौरान पता चला, कि आरोपी ने साल 2009 में रूपा से शादी की थी। चार साल पहले उसकी पत्नी रूपा किसी अन्य व्यक्ति के साथ भाग गई थी और उससे शादी रचा ली। इसके बाद आरोपी ने भी अपने पास के गांव की महिला से दूसरी शादी कर ली थी। बताया जा रहा है, कि आरोपी की दूसरी पत्नी भी पूर्व में शादी शुदा थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले 12 सालों से देहरादून में मजदूरी का काम करता है। 23 फरवरी को रूपा अपनी 11 महीने की बेटी के साथ आरोपी के पास देहरादून रहने आ गई और वहीं पर निर्माणाधीन साइट पर ही रहने लगी। रूपा अपने पति रंजीत पर दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी, जिस कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था।
पांच मार्च की रात को भी रंजीत अपनी दूसरी पत्नी से बात कर रहा था, तभी रूपा ने उसका फोन छीन लिया। इस दौरान रूपा अपने पति पर दूसरी पत्नी से बात नहीं करने का दबाव बना रही थी। इसी विवाद में रंजीत ने गुस्से में आकर रूपा का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सफेद कट्टे में डालकर मकान के अलग कमरे रख दिया।
पहली पत्नी की की हत्या के बाद आरोपी ने दूसरी पत्नी को देहरादून आने के लिए कहा। वही 11 महीने की बच्ची साथ होने के कारण आरोपी को शव ठिकाने लगाने का मौका नहीं मिला, इसीलिए आरोपी ने चार दिनों तक शव को अलग कमरे में रजाई से छिपाकर रखा। 8 मार्च को दूसरी पत्नी के देहरादून आने पर आरोपी ने ठेकेदार की बाइक लेकर शव को जंगल में ठिकाने लगा दिया।
एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, कि आरोपी को विश्वास था कि रूपा के बारे में कोई ज्यादा नहीं जानता है, इसीलिए उनकी शिनाख्त होना मुश्किल है। अपने इस भरोसे के चलते आरोपी आराम से अपना काम कर रहा है, लेकिन पुलिस ने आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया।
