दिल्ली के पालम में बड़ा हादसा, (फोटो साभार: NDTV)
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का पालम इलाका बुधवार (18 मार्च) की सुबह उस वक्त दहल गया, जब साध नगर की एक पाँच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 मासूम बच्चों समेत 9 लोगों की जलकर मौत हो गई है। वहीं घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण बचाव टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली, कि ऊपर रह रहे परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 30 गाड़ियां मौके पर मौजूद रही और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। शुरुआती जांच में सामने आया है, कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी है।
दुर्भाग्यवश, इस हृदयविदारक घटना में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें तीन मासूम बच्चियां भी शामिल हैं। आग की चपेट में आने से परिवार के कई अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, कि वह इस घटना से अत्यंत व्यथित हैं।
Extremely distressed to learn about the unfortunate fire incident at a multi-story residential building at Palam.
As per the information received, 6 feared dead, few people still trapped inside the building. District Administration, Delhi Fire Service Department & Delhi Police…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) March 18, 2026
जानकारी के अनुसार, आग इमारत के बेसमेंट में स्थित कपड़ों और कॉस्मेटिक्स के स्टोर से शुरू हुई और ऊपरी मंजिलों तक फैल गई। धुएँ और लपटों के बीच घिरे लोग बाहर नहीं निकल पाए और मदद के लिए गुहार लगाने लगे। इस दौरान बच्चों की जान बचाने के लिए उन्हें इमारत से फेंक दिया गया।
पुलिस के अनुसार, इस घटना में तीन बच्चों सहित कुल नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रवेश (35 वर्ष), कमल (40 वर्ष), आशु (32 वर्ष) और तीन मासूम बच्चियों (उम्र 12, 6 और 5 वर्ष) के रूप में हुई है। आग लगने की घटना सुबह लगभग 6:40 बजे हुई, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में सो रहे थे।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और धुआं पूरे मकान में फैल गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दुखद घटना में अग्निशमन सेवाओं की प्रतिक्रिया में देरी देखी गई। लोगों का कहना है, कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो शायद अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
