‘VivaTech-2026’ समिट में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, (फोटो साभार: X@narendramodi)
फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 समिट में सफल बैठकों और चर्चाओं के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार सुबह पेरिस पहुंचे। वहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पेरिस में पीएम मोदी ने ‘वीवा टेक 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय समुदाय के लोगों के साथ संवाद भी किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि फ्रांस एक अहम पुल का काम कर रहा है जो भारत और यूरोप के टेक इकोसिस्टम को करीब ला रहा है। भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की वजह से आज दुनिया के आधे रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन भारत में होते हैं। अब भारतीय नागरिक फ्रांस के एफिल टॉवर और पेरिस एयरपोर्ट पर भी आसानी से UPI का इस्तेमाल कर सकते हैं।
Addressing the Indian community in Paris. Their deep affection for India and contribution to stronger India-France ties are truly commendable. https://t.co/sNLYVfzaV1
— Narendra Modi (@narendramodi) June 18, 2026
पीएम मोदी ने कहा, कि पिछले दशक में भारत के बदलाव में टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका रही है। भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बनाया है। उन्होंने बताया, की वर्ष 2026 भारत और यूरोप के लिए खास है। ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की शुरुआत से आपसी व्यापार और निवेश तेजी से बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, कि भारत खुला समाज है और यहाँ नियमों को आसान बनाकर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पक्का किया जा रहा है। सरकार प्राइवेट कंपनियों को 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा के इंसेंटिव दे रही है। साथ ही भारत में आज सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा और कम लागत वाली ग्रीन एनर्जी मौजूद है। सरकार सिर्फ सुविधाएँ देगी, जबकि इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स बड़े बदलाव लाएँगे।
विशेषज्ञों का मानना है, कि प्रधानमंत्री की पेरिस यात्रा से भारत और फ्रांस के संबंधों को नई गति मिलेगी। दोनों देशों के बीच तकनीक, नवाचार, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से मजबूत सहयोग रहा है। ‘वीवा टेक 2026’ में प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगी।
