75 वर्षीय हत्यारोपी गिरफ्तार, (फोटो साभार: X@@almorapolice)
देघाट थाना क्षेत्र के बसई गांव में 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला तुलसी देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने 75 वर्षीय राजे सिंह उर्फ राजा बाबू को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद हत्यारोपी गांव से कुछ ही दूर सिमलचौरा क्षेत्र मेंं छिप गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल दरांती भी बरामद कर ली है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने हत्या की वजह पिछले चार साल से चला आ रहा जमीन का विवाद बताते हुए अपना जुर्म कबूल किया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। वहीं घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। पूरे घटनाक्रम पर ग्रामीणों ने चुप्पी साध ली है।
जानकारी के मुताबिक, बीते शनिवार 19 सितंबर की सुबह बिचला चौकोट पट्टी में 66 वर्षीय तुलसी देवी पत्नी स्व. मोहन दत्त का अपने पड़ोसी 75 वर्षीय राजे सिंह उर्फ राजाबाबू पुत्र दौलत सिंह के साथ किसी बात पर विवाद हो गया था। बहसबाजी में गालीगलौज के बीच राजे सिंह आपा खो बैठा और दराती और पत्थरों से महिला पर हमला कर दिया।
गंभीर रूप से घायल तुलसी देवी को ग्रामीणों ने मौके से रेस्क्यू कर एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्याल्दे पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तुलसी देवी के भाई हरीश चंद्र ढौंडियाल ने घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष देघाट अजेंद्र प्रसाद पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
खेत-क्यारियों के विवाद में हत्या, 75 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
देघाट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजे सिंह उर्फ राजा बाबू (75 वर्ष) को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की दराती बरामद। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। pic.twitter.com/VsSgm56NQw
— Almora Police Uttarakhand (@almorapolice) September 20, 2026
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर उच्चाधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए। वारदात के खुलासे के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोडके ने थानाध्यक्ष अजेंद्र प्रसाद को मामले में शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाश में पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों में करीब ढाई घंटे तक सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया। सटीक सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को देघाट थाना क्षेत्र से दबोच लिया।
हत्या की मुख्य वजह चार साल पुराना जमीन का विवाद था। आरोपी ने बताया, कि तुलसी देवी खेती और क्यारियों को लेकर अक्सर उसके परिजनों से गाली-गलौज करती थी। शनिवार सुबह भी इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इसी कहासुनी के चलते राजे सिंह का गुस्सा बेकाबू हो गया और उसने तुलसी देवी की हत्या कर दी।
