धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का खुलासा,(फोटो साभार: X@PoliceBageshwar)
वकील और पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने महिला आरोपी लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड, कार और शव बरामद किया है।
एसपी बागेश्वर जितेंद्र कुमार मेहरा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया, कि तल्ली बाजार बागनाथ वार्ड निवासी महिला नंदी परिहार ने 31 अक्टूबर को कोतवाली में तहरीर देकर बताया था, कि उनका पुत्र धीरेन्द्र परिहार 17 अक्टूबर की शाम करीब छह बजे बागेश्वर बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
कोतवाली बागेश्वर पुलिस ने लापता धीरेन्द्र परिहार की हत्या का पर्दाफाश करते हुए त्वरित कार्रवाई कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
17/10/2026 की रात्रि में धीरेन्द्र परिहार अत्यधिक शराब के नशे में उसके घर आया तो उसके द्वारा उसका विरोध किया गया। जब वह उससे जोर जबरदस्ती करने लगा https://t.co/8tg2EQ1twP— Bageshwar Police Uttarakhand (@PoliceBageshwar) November 4, 2026
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और कई स्तरों पर सर्च अभियान चलाया। जांच के दौरान पुलिस की रडार पर एक महिला का मोबाइल नंबर सामने आया। दरअसल, धीरेंद्र की आखिरी बातचीत इसी नंबर पर हुई थी।
मोबाइल नंबर की जांच में संदिग्ध महिला की पहचान नुमाइशखेत निवासी के तौर पर हुई। इसके बाद पुलिस ने महिला के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में 19 अक्टूबर की रात महिला की कार की आवाजाही सीसीटीवी कैमरों में नजर आई।
जब पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में सामने आया, कि वर्ष 2020 में धीरेंद्र की महिला बाल विकास विभाग में कांट्रेक्ट बेस पर कार्य करने वाली लता के साथ नजदीकियां बढ़ी थी। जो 2022 में कुछ कम भी हो गई थी।
घटना की रात 17 अक्तूबर को अधिवक्ता अत्यधिक शराब के नशे में महिला के घर पहुंचा था और वहां उसने जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला ने इसका विरोध करते हुए घर में रखी लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे धीरेंद्र मौके पर बेसुध होकर गिर पड़ा।
आरोपी महिला के मुताबिक, जब धीरेंद्र को काफी देर तक होश नहीं आया, तो महिला ने शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया था। 18 अक्तूबर की सुबह उसने कठायतबाड़ा जाकर अपने भाई त्रिभुवन सिंह उर्फ बबलू को घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
19 अक्टूबर की रात दोनों ने कार की पिछली सीट पर शव को रखकर बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग के समीप थुणाई बैंड स्थित गहरी खाई से नदी में फेंक दिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाकर तीन नवंबर की शाम नदी के पास से सड़ी-गली अवस्था में शव बरामद किया।
