पीएम मोदी (चित्र साभार: X_NarendraModi) फाइल फोटो
NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। एक तरफ शिक्षा मंत्रालय में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है, तो वहीं दिल्ली में पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है।
इसी बीच शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ‘पेपर लीक विधेयक संसोधन’ को मंजूरी दे दी गई है। जिसमें पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। बताया जा रहा है, कि पेपर लीक संसोधन विधायक को सोमवार के दिन ही सदन में पेश किया जाएगा।
The Union Cabinet has approved amendments to the anti-paper leak bill, i.e., the Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024. The Bill is likely to be taken up for consideration and passing in Parliament on Monday: Sources
— ANI (@ANI) July 24, 2026
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में दोषियों के लिए सजा का दायरा बढ़ाया जा सकता है। मौजूदा नियमों में जहां व्यक्तिगत अपराध के लिए 3 से 5 साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, वहीं संशोधन के बाद सजा बढ़ाकर 5 से 10 साल तक की जा सकती है।
इसके अलावा जुर्माने की न्यूनतम सीमा को भी बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक किए जाने का प्रस्ताव है। सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और पेपर लीक से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ा कानूनी डर पैदा करना है। इसके लिए मामलों की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों को अधिक प्रभावी अधिकार देने का भी प्रस्ताव रखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है, कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 23 जुलाई की आधी रात करीब 12 बजे छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश भी जारी किया था। अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा, कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान करने वाला नया कानून लाने जा रही है।
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा, “पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है, इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी, कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया और 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।”
प्रधानमंत्री ने कहा, कि उन्होंने संबंधित विभागों को फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। विभागों ने देर रात प्रस्ताव तैयार कर उन्हें सौंप दिया, जिसे कैबिनेट में रखा जाएगा। इसके बाद कठोर सजा और फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक अंतिम रूप देकर संसद के दूसरे सप्ताह में पेश किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
