सुप्रीम कोर्ट (फोटो साभार: etvbharat)
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भोजशाला मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई की। न्यायाधीश सूर्यकांत, जॉयमाल्य बागची और न्यायाधीश वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की उस अंतरिम आदेश की मांग को ठुकरा दिया, जिसमें पुरानी स्थिति बहाल करने को कहा गया था।
पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए है, कि वह विवादित स्थल के पास ही मुस्लिम पक्ष के लिए शुक्रवार को दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच नमाज पढ़ने के लिए एक अलग खुली जगह उपलब्ध कराए। सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला विवाद को सुलझाने के लिए प्रतिदिन सुनवाई करने पर सहमति जताई।
The Supreme Court directed that a separate space near the Bhojshala complex be provided for offering namaz every Friday between 1 pm and 3 pm. The court also ordered that the Archaeological Survey of India (ASI) shall not make any structural changes to the disputed Bhojshala…
— IANS (@ians_india) July 14, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “ये बहुत संवेदनशील मामले हैं। कोर्ट में जो कहा जा रहा है, उससे बेवजह विवाद पैदा हो सकता है या गलत संदेश जा सकता है। हमें इस्तेमाल किए जाने वाले हर शब्द को लेकर बहुत सावधान रहना होगा। यह पहली बार है जब अंतरिम व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा हमारे सामने आ रहा है।”
सीजेआई ने कहा, कि हमें बहुत ज्यादा सावधान रहना चाहिए। ऐसा ऑर्डर पास नहीं करना चाहिए, जिसका प्रभाव लॉ एंड ऑर्डर पर पड़े। एएसआई के इंतजाम करने के बावजूद, वहां पर दिक्कतें रही हैं। यह एक ऐसा मामला है जहां दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए। इसमें दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं। सभी को तैयार रहना चाहिए।
बता दे, कि शीर्ष अदालत मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कहा गया था, कि धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है और वहां नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई थी।
गौरतलब है, कि 15 मई को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने निर्णय कहा था, कि धार जिले में विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर देवी सरस्वती को समर्पित एक मंदिर है। साथ ही, कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दशकों पुराने उस आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय को उस स्थान पर शुक्रवार की नमाज पढ़ने की मंजूरी दी गई थी।
