CM धामी ने पंतनगर में किसान मेले का शुभारंभ किया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार (14 मार्च 2026) को कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में 119 वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सीएम धामी ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया। साथ ही मेले में लगे स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
सीएम धामी ने संवाद कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे लिए हर्ष का विषय है कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119 वें कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रकार के मेले आयोजन कृषकों के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं । नवाचारों की जानकारियां मिलती है और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है।
पंतनगर, ऊधम सिंह नगर में आयोजित 119वाँ अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ ही उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
हमारे किसान भाई केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के नायक हैं, जिनका परिश्रम और समर्पण… pic.twitter.com/6YbzVBTpP4
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 14, 2026
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, कि किसान बंधु हमारे अन्नदाता है, और हमारे असली नायक हैं। किसानों की मेहनत व समर्पण से ही हमें अन्न मिल रहा है और देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री की विकसित भारत संकल्पना में किसान की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषकों के मेहनत व समर्पण से ही गांव, क्षेत्र और देश का विकास होता है।
सीएम धामी ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है। शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 22 वीं किस्त जारी की है। प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा, कि कृषि को घेरबाड़ कर जंगली जानवरों से बचाने के लिए केंद्र द्वारा हमें प्रथम किस्त के रूप में ₹25 करोड़ की धनराशि जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि प्रधानमंत्री, अन्नदाताओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। किसानों को फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना, बूंद बूंद सिंचाई जैसी योजनाओं के माध्यम से सशक्त किया जा रहा है। साथ ही किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दी गई है।
उन्होंने कहा, कि भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए ₹14 हजार करोड़ लागत की 07 नई परियोजनाएं लागू की गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को ₹03 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, कि किसानों की आय बढ़ाने हेतु पॉली हाउस लगाने हेतु ₹200 करोड़ की धनराशि रखी गई है। अभी तक ₹115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
सीएम धामी ने बताया, कि प्रदेश में भौगोलिक परिस्थितियां अलग अलग हैं, इसलिए भौगौलिक स्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, कि ₹1200 करोड़ की लागत की नई सेब नीति लागू की गई है। कृषकों के हित में कई नई नीतियां लागू की गई है तथा कई योजनाओं में 80 प्रतिशत तक राज्य की ओर से सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि प्रदेश में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, कि प्रदेश में फलों के उत्पादन में ढाई प्रतिशत तक वृद्धि हुई है तथा मशरूम का उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन हो गया है। मशरूम उत्पादन में हम देश में पांचवें स्थान पर आ गए हैं।
उन्होंने कहा, कि प्रदेश में मौन पालन शहद उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं,राज्य में 33 सौ मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है और हम देश में 08 वें स्थान पर आ गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, कि सत्र में 01 लाख 11 हजार करोड़ रुपए का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि, .उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य, मौन पालन, शोध आदि में धनरशि का प्रावधान किया गया है।
इस असर पर कुलपति पंतनगर विश्वविद्यालय डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने बताया, कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगे हैं। प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग मेले में प्रतिभाग कर रहे हैं। अपने संबोधन में उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई।
