CM धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बच्चों के साथ मनाया लोकपर्व फूलदेई
देवभूमि उत्तराखंड में शनिवार (14 मार्च 2026) से फूलदेई का लोक पर्व आरंभ हो गया है। प्रातः काल से ही छोटे बच्चे हाथों में फूलों की टोकरी लेकर लोगों के घरों की चौखट पर फूल डालने निकल पड़े है। इसी क्रम में देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में लोक पर्व फूलदेई, हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर पारंपरिक परिधान पहनकर आए बच्चों ने घर की देहरी पर फूल व चावल अर्पित किए और सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे लोक गीत गाए। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।
शासकीय आवास पर देवभूमि की समृद्ध लोकपरंपरा के प्रतीक लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर बच्चों का आगमन हुआ। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे इन नन्हे मेहमानों ने देहरी पर फूल और अक्षत सजाकर जब मधुर स्वर में “फूलदेई, फूलदेई, छम्मा देई…” गाया, तो वातावरण बसंत की खुशबू से परिपूर्ण हो… pic.twitter.com/yPcDvTWGFX
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 14, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा, कि लोक पर्व फूलदेई राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान के भाव को बनाए रखने का त्योहार है। उन्होंने कहा, यह त्योहार बसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति की सुंदरता और जीवन में नई ऊर्जा का संदेश देता है। यह त्योहार दर्शाता है, कि जीवन में हमेशा प्रकृति का आभार व्यक्त करना चाहिए।
सीएम धामी ने कहा, “उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमने अपने लोक त्योहारों को धूमधाम से मनाना चाहिए, जिससे कि यह त्यौहार आने वाली पीढ़ी तक पहुंचे और हमारी लोक संस्कृति हमेशा अमर रहे।”
मुख्यमंत्री ने कहा, कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, बसंत के स्वागत और हमारी लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला फूलदेई पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और आने वाली पीढ़ियों को इन अमूल्य परंपराओं से परिचित कराने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर श्रीमती गीता धामी भी उपस्थित रही।
