विदेश सचिव विक्रम मिस्री, (फाइल चित्र)
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसी बीच Strait of Hormuz के संकट के समाधान के लिए एक बहुत बड़ी ग्लोबल कूटनीतिक हलचल शुरू हुई है। दरअसल, दुनियाभर में तेल-गैस की आपूर्ति को सुचारू करने के लिए ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक्स पोस्ट के अनुसार, ब्रिटिश PM कीर स्टॉर्मर द्वारा बुलाई गई इस बैठक में दुनिया के 60 से ज्यादा देश शामिल हुए, जिसमें भारत ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। भारत ने स्पष्ट कहा, कि अगर दुनिया को इस संकट से बाहर निकलना है, तो सभी पक्षों को तुरंत हथियारों को शांत कर बातचीत की मेज पर लौटना होगा।
STORY | Strait of Hormuz crisis: India joins global push for unimpeded energy transit
Foreign Secretary Vikram Misri on Thursday called for a return to diplomacy to resolve the crisis in West Asia as he represented India at a UK-hosted meeting of over 60 nations that focused on… pic.twitter.com/SWKvJWGZA4
— Press Trust of India (@PTI_News) April 2, 2026
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने किया। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया। विदेश सचिव ने दुनियाभर के देशों के समक्ष भारत का पक्ष रखते हुए कहा, कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही हर देश का हक है। इससे कोई समझौता नहीं हो सकता।
विदेश सचिव ने चिंता जताई, कि इस पूरे संकट का प्रत्यक्ष प्रभाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है। बैठक में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विदेश सचिव ने कहा, कि खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसने अपने जांबाज नाविकों को खोया है। उन्होंने कहा, कि इस समस्या का हल और अधिक युद्ध नहीं है।
वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया, कि होर्मुज का मार्ग भारत के लिए महत्वपूर्ण है। इस समुद्री मार्ग से देश में भारी मात्रा में रसोई गैस (LPG), नेचुरल गैस (LNG) और कच्चा तेल आता है। भारत की बैक-चैनल डिप्लोमेसी लगातार प्रयास कर रही है, जिसके परिणामस्वरुप पिछले कुछ दिनों में 6 भारतीय जहाज होर्मुज को सुरक्षित पार करने में सफल रहे हैं।
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उन अफवाहों का भी पूर्ण रूप से खंडन किया, जिनमें दावा किया जा रहा था, कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर भारी-भरकम ‘टोल टैक्स’ वसूलने की तैयारी कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, कि ईरान के साथ ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है।
