भारत सरकार ने ₹10 और 20 के प्लास्टिक नोट के ट्रायल को दी मंजूरी,सांकेतिक चित्र
वर्तमान में भले ही डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ा है, लेकिन साथ ही नकद धनराशि का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर देशभर में होता है। हालांकि, कैश रखने के साथ एक बड़ा नुकसान यह है, कि पसीने, बारिश या पानी गिरने से कई बार यह गल या फट जाता है। इसी समस्या को देखते हुए देश में प्लास्टिक करेंसी नोटों के लिए रास्ता साफ हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में जल्द 10 रुपये और 20 रुपये की वैल्यू वाले पॉलिमर नोट यानी प्लास्टिक के करेंसी नोट देखने को मिलेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र की मोदी सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है।
🧵 RBI to Roll Out Plastic ₹10 & ₹20 Notes
1️⃣ Big Update
RBI will issue 200 crore polymer notes (₹10 & ₹20) worth ~₹3,000 crore as a field trial.2️⃣ Paper Notes Stay valid.
No panic! Govt clarified: paper notes will continue. Polymer notes will co-exist during testing.… pic.twitter.com/7YO1UcMqWt— CREDBANK (@CREDBANKYT) July 29, 2026
बीते सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन को बताया, कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्लास्टिक नोटों के ट्रायल के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ नोट जारी किए जाएंगे, जिनकी कुल कीमत 3,000 करोड़ रुपये होगी।
वित्त राज्य मंत्री ने संसद में जानकारी दी है, कि आरबीआई ने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद केंद्र सरकार को नोटों के फील्ड ट्रायल के लिए और इसके सफल होने के बाद इन दो मूल्यवर्गों में पॉलीमर बैंकनोट्स को नियमित रूप से जारी करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार द्वारा अनुमति दे दी गई है।
हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है, कि पॉलीमर नोट जारी किए जाने का तातपर्य यह कदापि नहीं है, कि कागजी मुद्रा का अंत हो जाएगा। ये प्लास्टिक नोट मौजूदा कागजी नोट के साथ साथ चलन में आएंगे। रिजर्व बैंक प्रथम चरण में देश के अलग-अलग जलवायु और भौगोलिक क्षेत्रों में इन नोटों की मजबूती को परखने के लिए 5 शहरों में जारी करेगा।
गौरतलब है, कि ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान अपने अध्ययन में बता चुका है, कि पॉलिमर नोट न सिर्फ टिकाऊ होते हैं बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा ईको फ्रेंडली होते हैं। सामान्य बोलचाल की भाषा में पॉलीमर से बने इन नोटों को प्लास्टिक के नोट भी कहते हैं। इसे पॉलीप्रोपाइलीन नाम के प्लास्टिक से बनाया जाता है।
बता दें, कि वर्ष 1988 में ऑस्ट्रेलिया ने अपना पहला 10 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का प्लास्टिक नोट जारी किया था। इसके बाद 1996 तक ऑस्ट्रेलिया पूरी करेंसी को पॉलिमर नोटों में बदलने वाला पहला देश बन गया था। इसके बाद ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी 2016 में सर विंस्टन चर्चिल वाले 5 पाउंड के पॉलिमर नोट जारी किया था।
