CM धामी ने किया मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के माध्यम से प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे संवाद स्थापित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
LIVE: देहरादून में 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' का शुभारंभhttps://t.co/1uM2NqeUe4
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 7, 2026
इस अवसर पर सीएम धामी ने कहा, कि योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। राज्य सरकार ने तय किया है, कि संसाधनों की कमी अथवा आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेंगी।
देहरादून में मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के शुरू होने के बाद अब हमारे दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
इस योजना के माध्यम से युवाओं को अब घर बैठे UPSC, PCS,… pic.twitter.com/cjjcezqkLF
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उन्होंने कहा, कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। राज्य का युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। आवश्यकता उसकी प्रतिभा को सही दिशा, बेहतर मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। बीते 5 वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
सीएम धामी ने कहा, कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है, कि उत्तराखण्ड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। इसी दिशा में स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, कि राज्य सरकार युवाओं को प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने में भी सक्रिय भागीदार बना रही है। इसी सोच के साथ प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनके विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, कि युवाओं की आशाओं, आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से कार्य करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन सुलभ होगा।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा, कि वे इसे केवल व्यावसायिक दायित्व न मानकर व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व के रूप में भी लें।
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभावान एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त करते हुए देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विषय-विशेषज्ञों एवं प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराना है।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक छात्र-छात्राओं का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रतिभाग कर सकेंगे। स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का चयन संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाएगा।