dehradun clock tower
कांवड़ यात्रा के दौरान देहरादून शहर को जाम से बचाने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। कांवड़ियों के वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। पांवटा साहिब की ओर से आने वाले कांवड़ वाहनों को धर्मावाला से ही डायवर्ट किया जाएगा, जबकि दिल्ली-दून एक्सप्रेस वे के रास्ते आने वाले वाहनों को भी यू-टर्न कराने की तैयारी है।
प्रशासन का कहना है, कि श्रद्धालुओं की आस्था भी बनी रहे और सामान्य लोगों का जीवन भी प्रभावित न हो। इसके साथ ही हादसे रोकने के लिए भी ये पहल की जा रही है। इसी वजह से इस बार यात्रा को पहले से अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए फैसले लिए गए है। सबसे अहम फैसला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और मसूरी मार्ग को कांवड़ियों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित करना है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर बनाई गई व्यवस्था को लेकर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है, कि किसी भी कांवड़िये को इस एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है।
एसपी ट्रैफिक जितेंद्र चौधरी ने बताया, कि इस व्यवस्था का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को अनावश्यक जाम से राहत देना है। विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय आने-जाने वाले लोगों और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए प्लान तैयार किया गया है।
देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, कि सहारनपुर पुलिस को भी सूचित किया गया है, कि गागलहेड़ी, छुटमलपुर और बिहारीगढ़ जैसे मुख्य स्थानों पर ऐसे श्रद्धालुओं को रोककर हरिद्वार मार्ग की ओर भेजा जाए, जो देहरादून होते हुए मसूरी जाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, कि कांवड़ यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव के लिए गंगाजल लाना है, पर्यटन करना नहीं।
दरअसल, दून शहर में स्कूल खुल चुके हैं और छुट्टी के समय जाम लगने की समस्या विकराल है। इसके साथ ही मानसून के कारण शहर की कई सड़कों की हालत खराब है। ऐसे में यदि कांवड़ यात्रियों के वाहन भी शहर में प्रवेश करते हैं तो जाम की समस्या और गंभीर हो जाएगी, इसलिए पुलिस ने पहले ही रणनीति तैयार कर ली है।
वहीं हरिद्वार पुलिस ने इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। यात्रा में किसी भी प्रकार के जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, नुकीले भाले, त्रिशूल, तलवार या अन्य हथियार लेकर आने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। पैदल कांवड़ की ऊंचाई छह फीट और झांकी की ऊंचाई दस फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए, ताकि बिजली की लाइनों से दुर्घटना न हो।
👮♂️ कांवड़ मेले के दृष्टिगत ड्यूटी पॉइंटों पर पहुँचा पुलिस बल
✨ SSP हरिद्वार के निर्देश पर संबंधित ज़ोनल एवं सुपर ज़ोन अधिकारियों ने फोर्स को किया ब्रीफ़
🙏 हरिद्वार पुलिस का संकल्प, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल कांवड़ मेला।#HaridwarPolice #KanwarMela2026 #KanwarYatra2026 pic.twitter.com/KrZ913CIvt
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) July 26, 2026
इसके अलावा शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन की हालत में हरिद्वार में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही प्रत्येक श्रद्धालु को अपने साथ वैध पहचान पत्र रखना अनिवार्य होगा। चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थान पर यात्रा करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे संदिग्धों पर भी नजर रखेगी, जो कांवड़िये का भेष धारण कर अशांति फैलाने की कोशिश करेंगे।
शासन-प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सलाह दी है, कि यात्रा शुरू करने से पहले संकल्प लें, कि गंगा स्नान के बाद श्रद्धा से जल भरें और कांवड़ को सम्मान के साथ रखें। साथ ही धार्मिक नगरी में सफाई बनाए रखें, जरूरतमंद यात्रियों की मदद करें और यातायात के नियमों का पालन करे।
