ATS ने साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को हरियाणा से दबोचा, (फोटो साभार: X@uttarakhandcops)
उत्तराखंड में साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 90 लाख रुपए की साइबर ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह के सरगना को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है, आरोपी के तार विदेशों से भी जुड़े है।
पुलिस के अनुसार, देहरादून निवासी पीड़ित ने सितंबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई थी, कि जून-जुलाई 2024 में उन्हें व्हाट्सएप पर ऑनलाइन ट्रेडिंग संबंधित मैसेज मिले। जिसके बाद उन्हें ट्रेडिंग कंपनी IIFLPRO PVT LTD के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। व्हाट्सएप ग्रुप में पहले से जुड़े लोगों द्वारा निवेश की गई धनराशि पर प्राप्त प्रॉफिट की धनराशि संबंधी स्क्रीनशॉट शेयर किए जाते थे।
इसके बाद पीड़ित ने मोटे मुनाफे के लालच में ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म के जरिये उपलब्ध कराए गए अलग-अलग बैंक अकाउंट में लगभग 90 लाख 50 हजार रुपए जमा कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जिन अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई थी, उन बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया।
शेयर मार्केट में निवेश और ऑनलाईन ट्रेडिंग कर लाभ कमाने का लालच देकर देहरादून निवासी व्यक्ति से 90 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले अभियुक्त विकास कुमार को #UttarakhandPolice @UKCyberPolice ने हरियाणा से गिरफ्तार किया। अभियुक्त पर कई राज्यों से साईबर अपराधों की 5 शिकायतें दर्ज हैं। pic.twitter.com/DcCUA4Z7M2
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) May 31, 2025
एसटीएफ की जांच में मास्टरमांइड और मुख्य आरोपी विकास कुमार निवासी रेवाड़ी हरियाणा का नाम सामने आया, जिसके द्वारा एक्सिस बैंक के अकाउंट का इस्तेमाल कर पीड़ित को कम वक्त में अधिक लाभ कमाने का लालच देकर 26 लाख रुपए धोखाधड़ी से ट्रांसफर करवाए गए थे। इसके बाद एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास कुमार को रेवाड़ी, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान एसटीएफ ने मुख्य आरोपी से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, 1 पासपोर्ट, चार एटीएम कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद किया। बताया जा रहा है, कि साइबर ठग लोगों को झांसे में लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग करता था और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर अधिक मुनाफे का लालच देकर धोखाधड़ी करता था।
आरोपी लोगों को व्हाट्सएप पर ऑनलाइन ट्रेडिंग संबंधी मैसेज भेजता था। जिसमें वो स्वयं को एक प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ितों को ट्रेडिंग में निवेश कर लाभ का भरोसा दिलाता था। इसके बाद लोगों को अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाता था, जिनमें पहले से जुड़े हुए लोगों द्वारा खुद के द्वारा निवेशित धनराशि पर प्राप्त लाभ संबंधी स्क्रीनशॉट शेयर किए जाते थे।
इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े अन्य लोगों के झांसे में आकर पीड़ित ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिये कम समय में अधिक लाभ कमाने के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर देते थे। पीड़ितों द्वारा निवेश की गई रकम में लाभ दिखाने के लिए आरोपी एक फर्जी ऐप IIFLPRO APP का प्रयोग करता था। जिसके डैशबोर्ड पर निवेश की गई धनराशि के फर्जी आंकड़ों को भारी लाभ के साथ दिखाया जाता था।
इन आंकड़ों को देखकर लोग अधिक मुनाफा कमाने के झांसे में आ जाता थे। आरोपी धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैक अकाउंट में ट्रांसफर कर देता था। एसटीएफ की जाँच के दौरान एक्सिस बैंक के खाते में एक महीने के अंदर कुल 46 लाख रुपए का संदिग्ध लेन-देन भी सामने आया है।
एसटीएफ एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया, कि आरोपी ने साइबर ठगी के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया है, उसमें सिर्फ 2-4 महीनों में लाखों रूपयों का ट्रांजेक्शन हुआ है। साथ ही आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ देश के कई राज्यों में कुल पांच साइबर अपराधों की शिकायतें दर्ज है। ये जानकारी भी मिली है, कि आरोपी विदेश में अपराध के लिए सिम भेजता था और साल 2022 में ओमान देश भी गया था।
