दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में सोमवार को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो माेरिया और सूरज पंचाेली समेत पुलिस अधिकारियों, अभिनेताओं के नाम शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एफआईआर में रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाझे, परम बीर सिंह और रोहन रॉय समेत कई बड़े नामों पर आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई मामले में गैंगरेप और हत्या से लेकर सबूतों से छेड़छाड़, पुलिस रिकॉर्ड में बदलाव और दिशा के मोबाइल फोन से जुड़ी गड़बड़ियां और अन्य आरोपों की जांच करेगी।
WATCH | Thane, MH: On Disha Salian's death case, Advocate Nilesh Ojha says, "The CBI registered an FIR yesterday after preliminary verification of the complaint of Disha Salian's father, Satish Salian, and the statement recorded by the CBI. That FIR is for gang rape, murder, and… pic.twitter.com/7CWhXm3FJN
— ANI (@ANI) September 14, 2026
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा के पिता की याचिका पर सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में बीते शुक्रवार को दिशा के पिता सतीश सालियान ने भी सीबीआई अधिकारियों के सामने चार घंटे से ज्यादा समय तक अपना बयान दर्ज कराये। यह बयान जांच की शुरुआती कार्रवाई का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
बता दें, कि 8 जून 2020 को सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मुंबई के मलाड स्थित एक रिहायशी इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह उस रात अपने मंगेतर रोहन रॉय के फ्लैट पर दोस्तों के साथ थी। पुलिस ने शुरुआत में इसे दुर्घटना या खुदकुशी मानते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी।
28 वर्षीय दिशा सालियान ने बॉलीवुड के कई नामचीन कलाकारों के साथ काम किया था, जिनमें एक्टर वरुण शर्मा और हास्य कलाकार भारती सिंह जैसे बड़े नाम शामिल रहे। वह कई विज्ञापन एजेंसियों से भी जुड़ी हुई थी। सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर होने के कारण उनकी मृत्यु के बाद दिशा का नाम काफी चर्चा में आया था।
दरअसल, उनकी मौत की घटना ने तब सुर्खियों में आई, जब छह दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत अपने आवास पर मृत पाए गए थे। दिशा के पिता का कोर्ट में पक्ष रख रहे वकील नीलेश ओझा ने दावा किया था, कि दिशा के साथ गैंगरेप के बाद हत्या की गई थी और प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत सबूतों को नष्ट करने के प्रयास किये गए।
वकील नीलेश ओझा ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गड़बड़ियों का आरोप भी लगाया था, उन्होंने दावा किया था, कि पहली नजर में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट फर्जी लगती है, क्योंकि चेहरा पूरी तरह से ठीक-ठाक था, होंठ और नाक सही-सलामत थे। वह 14वीं मंजिल से मुंह के बल गिरती है और रिपोर्ट में सिर्फ एक या दो अंदरूनी दांत टूटे हुए दिखाए गए है।
