सांकेतिक चित्र
उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से जारी बारिश की गति कुछ धीमी जरूर हुई है, लेकिन फिलहाल अभी बारिश से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन भारी बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में 9 से 11 अगस्त तक मौसम खराब रह सकता है।
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, नौ अगस्त को चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दिनांक 09.08.2026 को जारी उत्तराखंड राज्य हेतु मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी | pic.twitter.com/fRJK72P3wu
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) August 9, 2026
इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने के आसार है। 10 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में यह हालात देखने को मिलेंगे। इस दौरान देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग ने इन जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, मंगलवार 11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और उधमसिंह नगर जनपदों के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मद्देनजर मौसम विभाग ने भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं तेज वर्षा और बिजली गिरने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने इस दौरान लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, कि वे बिना जरूरी कारण के यात्रा न करें, विशेषकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों की ओर जाने से बचें। इसके अलावा, लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सख्त सलाह दी गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के बाद प्रदेश का आपदा प्रबंधन विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग ने एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार राज्य में भारी बारिश से उत्पन्न हालातों की पल-पल की अपडेट ले रहे है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन-प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है, कि आपदा के हालत में ग्राउंड जीरो पर उतरकर काम करें। आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए। इस दौरान यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए।
